
हरीश रावत के मुताबिक धारचूला से लेकर मंगलौर तक के गांवों में उनकी ओर से संक्रमण बढ़ने का कारण पता करने की कोशिश की गई थी। लोगों ने बताया कि कई जगह संक्रमण कुंभ में शामिल होकर लौटने वालों की वजह से भी फैला है।
कुछ स्थानों पर राजनीतिक लोग कुंभ में गांव वालों को लेकर गए थे। इसी तरह कुंभ में ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवान और अन्य लोग वापस लौटने पर संक्रमित पाए गए। कई लोग देव डोलियों के साथ स्नान करने के लिए हरिद्वार आए और लौटने पर संक्रमित पाए गए।
हरीश रावत का यह भी कहना है कि टनकपुर आदि क्षेत्रों में पूर्णागिरी और अन्य मेलों की वजह से संक्रमण में इजाफा हुआ है। ऐसे में गांवों में सिर्फ प्रवासियों को संक्रमण के लिए दोष देना ठीक नहीं है। सरकार को कुंभ और अन्य मामलों में भी ध्यान देना चाहिए था और उस हिसाब से रणनीति बनानी चाहिए थी।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कोरोना का टीका लगाने वालों को भी सावधान रहने को कहा है। रावत के मुताबिक टीका संक्रमण के प्रभाव को बहुत हद तक कम कर रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संक्रमण के प्रति बेपरवाह हुआ जाए। मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन जरूरी है।






