
हरिद्वार में नौ दिन इंतजार के बाद सोमवार से शुरू हुए चौथे चरण के टीकाकरण अभियान को लेकर युवाओं में भारी उत्साह दिखा। सुबह से ही सेंटरों पर लाइन लग गई। हालांकि, टीकाकरण केंद्रों पर सामने आईं तमाम अव्यवस्थाओं ने युवाओं के उत्साह पर पानी फेर दिया।
बिना तैयारी के पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों को युवाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। आईडी और पासवर्ड नहीं मिलने से टीकाकरण में देरी हुई। केंद्रों पर बिगड़ी व्यवस्था को संभालने के लिए पहुंची पुलिस ने किसी तरह डेढ़ से दो घंटे बाद वैक्सीनेशन शुरू कराया।
जनपद में पहले दिन करीब ढाई हजार युवाओं को टीका लगाया गया। वहीं, टीकाकरण अभियान के दौरान केंद्रों पर शारीरिक दूरी के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। केंद्रों पर वैक्सीनेशन शुरू न होने पर युवाओं के हंगामा करने के दौरान वे एक-दूसरे से भीड़ में सटे रहे।
सोमवार को 18 से 44 वर्ष आयु तक के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। वैक्सीन का इंतजार कर रहे युवाओं के उत्साह का आलम यह था कि शहर में बनाए गए टीकाकरण केंद्र रघुनाथ मंदिर, ज्वालापुर और प्रेमनगर आश्रम में सुबह आठ बजे से ही युवा पहुंचने लगे, जबकि वैक्सीनेशन सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होना था।
रघुनाथ मंदिर में तो युवाओं की कतार मंदिर परिसर से बाहर निकलकर सड़क तक आ गई। प्रेमनगर आश्रम में भी युवाओं की भारी उमड़ पड़ी। दूसरी ओर, पहले दिन कई अव्यवस्थाएं सामने आने से टीकाकरण काफी देरी से शुरू हुआ। रघुनाथ मंदिर में तो स्लॉट का सत्यापन करने वाला नोडल अधिकारी ही नहीं पहुंचा। आईडी और पासवर्ड पता नहीं होने से वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो सका।
काफी मशक्कत के बाद नोडल अधिकारी से फोन पर आईडी और पासवर्ड पूछकर 11 बजे के बाद स्वास्थ्यकर्मी सुमन शर्मा व शालनी सिंह ने वैक्सीनेशन शुरू किया। प्रेमनगर आश्रम में भी पहले लोगों की लाइन लगा दी गई। इसके बाद उन्हें लाइन से हटा दिया गया।
इससे भारी अव्यवस्था फैल गई। यहां न तो सत्यापन हो रहा था और न ही कोई लोगों का नाम लिखने वाला था। नाराज युवाओं ने वैक्सीनेशन शुरू न होने से हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल वहां पहुंचा और लोगों को कड़ी फटकार लगाते हुए लाइन लगवाकर करीब साढ़े 11 बजे टीकाकरण शुरू कराया। यहां दिनभर पुलिसकर्मी तैनात रहे।




