पहाड़पुत्र बलूनी की नगरों व देश-विदेश में रहने वाले प्रवासियों से फूलदेई के त्योहार को मनाने की अपील

anil baluni

  • त्यौहार हमारे दैनिक जीवन, ऋतुओं और उसके वैज्ञानिक पक्ष से जुड़े होते हैं: बलूनी
  • अपनी महान संस्कृति के संरक्षण के लिये हम सबको जुटना होगा: बलूनी
  • कल फूलदेई मनायें और प्रेरणा हेतु त्यौहार मनाने के चित्र सोशल मीडिया पर साझा करें: बलूनी

उत्तराखण्ड से राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज जारी विज्ञप्ति में कहा कि, कल 14 मार्च को उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोकपर्व फूलदेई का त्यौहार है जिसे पूरे पर्वतीय अंचलों में धूमधाम से मनाया जाता है, जो कि हमारे दिनचर्या, ऋतुओ और उसके वैज्ञानिक पक्ष से जुड़ा हुआ है। किसी भी समाज के विकास के लिए वहाँ के रीति-रिवाज और लोकपर्वों का भी विशेष योगदान होता है।

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सांसद बलूनी ने उत्तराखण्ड के नगरों, कस्बों और देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखण्डी प्रवासियों से अपील की कि, हम सबको कल धूमधाम से फूलदेई का त्योहार मनाना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस शुभ पर्व पर हम भी अपने नौनिहालों द्वारा घर की देहरी पर पुष्प वर्षा करायें और उन्हें शगुन तथा उपहार देकर इस त्यौहार को जीवंत बनाये, पारम्परिक पकवानों का आनन्द लें और सोशल मीडिया पर भी फूलदेई त्योहार मनाने के चित्रों को साझा भी करें।

सांसद बलूनी ने कहा कि अनेक संस्कृति के संरक्षक निरन्तर लुप्त होते त्योहारों को मनाने और इनके संरक्षण के प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे महान पूर्वजों द्वारा निर्धारित सभी त्योहारों का समय, उनके मनाने के प्रतीक और प्रक्रिया पूर्ण रूप से हमारे परंपरागत जीवन की झलक देती है।

बलूनी ने कहा कि समय के साथ भले ही हमारी जीवन शैली में बदलाव आया है, किंतु हमारे पर्व हमें अपने अतीत से जोड़ते हैं और हमें अपने महान संस्कृति का बोध कराते हैं। जिस तरह इगास के त्यौहार को आप सभी ने देश-विदेश तक पहुंचाया और वहां रहने वाले उत्तराखंडी बंधुओं ने इगास/ बुढ़ दीवाली को एक वैश्विक की पहचान दी वह गौरवान्वित करने वाली है। इसी तरह फूलदेई के त्योहार को भी मनाकर उसे संरक्षित करने के अभियान में भागीदार बनें।

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