
देहरादून: उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने और इसके उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने सराहनीय निर्णय लिया गया है। चारधाम महामार्ग परियोजना के तहत बनने वाले यात्री सुविधालयों में उत्तराखण्ड की पारंपरिक हस्तकला की झलक देखने को मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय 2000 वर्गफुट के क्षेत्र में पारम्परिक कला का पैवेलियन बनाएगा। जिसमें ऐपण, हस्तशिल्प उत्पाद, जड़ी बूटी, शहद आदि उत्पादों को बेचा जा सकेगा। इससे राज्य के हजारों-लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि, देवभूमि उत्तराखंड की पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्री नीतिम गडकरी का आभार व्यक्त किया।






