
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार स्थानीय उत्पादों को हिमालयी ब्रांड से पहचान दिलाने के लिए काम कर रही है। ओरआर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि चीड़ की पत्तियों से बिजली बनाने की नीति कारगर होगी तो इससे 40 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के वन क्षेत्र में 27 प्रतिशत पर चीड़ होता है। इसकी पत्तियों से बिजली बनेगी और पर्यावरणीय लाभ भी होगा।
मुख्यमंत्री का फोकस है
स्थानीय संसाधनों को आधार मानकर आगे बढ़ने पर , जिससे आत्मनिर्भर बनने में सुविधा होगी। हम सभी जानते है कि प्रकृति ने देवभूमि को बहुत कुछ दिया है। ओर स्वरोजगार की दिशा में त्रिवेंद्र सरकार अनेक कार्य कर रही है। ओर इस दिशा में अधिक सोचने की जरूरत है ताकि हम अपने साथ अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सके
अभी तक एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हुए।
जिसमें से 25 हजार करोड़ रुपये के कार्यों की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
राज्य बनने से औद्योगिक क्षेत्र में 2017 तक राज्य में 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए हर न्याय पंचायत मे अलग अलग थीम पर रूरल ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं।
अभी तक 100 से अधिक ग्रोथ सेंटरों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
होम स्टे को राज्य में बढ़ावा दिया जा रहा है।
अभी तक 2200 से अधिक होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं।





