
भाजपा नेता भास्कर नैथानी का शुक्रवार की सुबह 6 बजे देहरादून में निधन हो गया। बुधवार की सांय उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था। वह चाय बनाते समय किचन में ही गिर गए थे। सीएमआई अस्पताल में डॉक्टर कुड़ियाल ने उनका आपरेशन किया था। लेकिन तमाम कोशिशों के बाबजूद 58 वर्षीय भास्कर नैथानी को बचाया नहीं जा सका।

संघ प्रचारक रहे भास्कर नैथानी उत्त्तराखण्ड भाजपा में संगठन मंत्री के पद पर रहे। पूर्व दायित्वधारी भास्कर नैथानी हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी चुने गए। बेहद सहज, सरल स्वभाव के भास्कर नैथानी ने बतौर संघ कार्यकर्ता मथुरा,कन्नौज आदि स्थानों पर भी कार्य किया।
उनकी पत्नी ममता नैथानी ने कुछ दिन पूर्व ही नरेंद्रनागर डिग्री कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। भास्कर नैथानी के निधन पर उत्तराखंड भाजपा के नेताओ व कार्यकर्ताओ ने गहरा दुःखद जताया
तो वही भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने भी कहा कि
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व संगठन मंत्री श्री भास्कर नैथानी जी के निधन से दुःखी हूँ
उनके द्वारा सगठन ओर समाज मैं किया गया कार्य हम सबको प्रेरणा देता रहेगा
है परमपिता परमेश्वर दिव्य आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को धैर्य प्रदान करें।
ॐ शांति ।
तो वही भाजपा नेता सतीश लखेड़ा फेसबुक पर लिखते है कि…
आखिर आप नहीं माने…….
आप अभिभावक, बड़े भाई, मित्र हर रूप में मेरे जीवन मे विद्यमान थे। आप आशावादी और अतिसकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की मिसाल थे। हर सम्बन्ध निभाने में प्रामाणिक, सम्बन्धो का व्यापक खजाना, सर्वहितैषी, अल्पभाषी और अंतर्मुखी।
भाष्कर नैथानी नाम जहन में आते ही मन मे ऐसे व्यक्ति का चित्र उभरना जो लोभ, मोह, पद- प्रतिष्ठा की अपेक्षाओं से कोसों दूर रहकर अपनी मस्ती में जीवन जीता हो। आप विद्यार्थी परिषद और भाजपा में संगठन मंत्री पद के दायित्वों पर रहे, पूर्णकालिक विचारक, प्रचारक और संगठक का आपके व्यक्तित्व में समावेश था।
गत ढाई तीन वर्षों में आप बहुत आध्यात्मिक और सात्विक हो गये थे। सतपुली के निकट आदिशक्ति माँ मुवनेश्वरी की शक्तिपीठ के संचालन में खुद को व्यस्त कर लिया था जिसमे संस्कृत विद्यालय और गौशाला भी संचालित हो रही थी। आपकी ऊर्जा, अनुभव और समय का उपयोग संगठन और सरकार में निरन्तर हो सकता था।
अकस्मात आपका गोलोक गमन स्तब्ध करने वाला है। आप बेटी कृति पर आप जान छिड़कते थे, उसकी और भाभी (पेशे से अध्यापिका) के अनुरूप ढली आपकी दिनचर्या सफल गृहस्थ की कहानी थी। आपके जाने से हर निकटस्थ की आँखे भीगी हैं।
प्रणाम ।।
भाजपा के युवा नेता
और भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय मीडिया के सदस्य
सतीश लखेड़ा की कलम से








