मिशन 2022: उत्तराखंड कांग्रेस ने बैठक कर बड़ा आंदोलन छेड़ने को भरी हुंकार
उत्तराखंड में कांग्रेस अपने मिशन 2022 के लिए हुंकार भर चुका है। अब दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस उपाध्यक्षों की बैठक में कई मुद्दों को लेकर त्रिवेंद्र सरकार हो या केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया जा चुका है कांग्रेस उपाध्यक्षों की बैठक में पेट्रोल-डीजल समेत पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों और परिवहन किराए में वृद्धि के खिलाफ केंद्र और राज्य की सरकारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया। वही अगले विधानसभा चुनाव के लिए अब ज्यादा समय नही बचा है ओर कांग्रेस के नेताओ के माथे पर अब उत्तराखंड की सत्ता में वापसी को लेकर छटपटाहट भी साफ देखी जा रही है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की मौजूदगी में बैठक हो चुकी है ओर इस बैठक में 22 में से 13 उपाध्यक्षों ने शिरकत की थी ओर इस बैठक में कुल तीन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। तो वही पार्टी ने राहुल गांधी से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभालने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किया। व अन्य प्रस्ताव में प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कोरोना काल में जनता के बीच किए गए कार्य के लिए उनका आभार जताया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की बढ़ी कीमतें और प्रदेश सरकार से बस व परिवहन किराए में वृद्धि वापस लेने की मांग की गई। यह तय किया गया कि इसके विरोध में आंदोलन जारी रखा जाएगा। बंद पड़ी उत्तरकाशी जिले की लोहारी-नागपाला जल विद्युत परियोजना, मनेरी-भाली परियोजना के साथ-साथ अन्य जल विद्युत परियोजनाओं पर तत्काल कार्य शुरू करवाने की मांग का प्रस्ताव पारित हुआ। तो वही प्रवासियों को पांच लाख रुपये की मदद देने की पैरवी भी की गई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आम जन को राहत पहुंचाने को सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के फैसले साफ संकेत दे रहे हैं कि उसकी विदाई तय है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार के फैसलों से जनता परेशान है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। ओर हम सबको एकजुट होकर इसका जवाब देना होगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह रावत, डॉ महेंद्र पाल सिंह, विजयपाल सजवाण, विक्रम सिंह नेगी, गणेश गोदियाल, रामयश सिंह, जोत सिंह बिष्ट, आर्येद्र शर्मा, हेमंत बगड़वाल, सरोजनी कैंतुरा, नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और नारायण पाल मौजूद रहे। बहराल बोलता है उत्तराखंड की कांग्रेस का ये कुनबा जब तक एक दूसरे की टांग खिंचता नज़र आएगा तब तक जनता की नज़रों मैं खरे नही उतर पाएंगे ये सभी बड़े नेता हाथ जरूर मिलाते है , साथ भी बैठते है पर दिल इनके मिलते नहीं, आज भी कांग्रेस के कुछ बड़े नेता कहते है कि पिछले चुनाव मैं 10 से 15 टिकट हरीश रावत ने अपने कांग्रेस के लोगो को जिंताने के लिए नही बल्कि हरवाने के लिए दिए थे टिकट दिया इसको ओर समर्थन किया था उसका यही कारण था कि कांग्रेस महज 11 पर आकर अटक गई तो वही प्रीतम सिंह लगातार कहते है कि सबको मेरा साथ देना चाइए मेने भी समय समय पर सभी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का साथ दिया है पर उनको लगता है कि उनके साथ आज कांग्रेस के बड़े नेता लोग दिल से नहीं खड़े है तो उधर हरीश रावत खुद तो कुछ कहते नहीं पर उनके समर्थक ओर हरीश रावत जिंदाबाद कहने वाले कहते है कि हरीश रावत की उपेक्षा लगातार की जा रही है। बात यही पर नही थमती समय समय पर हरीश धामी हो या करन माहरा वे नेता प्रतिपक्ष पर इस कदर हावी रहते है कि समझों आज तो नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी से उतारकर ही दम लेगे तो किशोर उपाध्याय को लगता है कि आज उन्हें किशोर समझकर ही कोई पूछने को तैयार नही । अब बताओ कोई क्या कहे ये कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के हाल है और जब तक ये सुधार ना हुवा तो क्या जनता विस्वास करेगी ये जनता जाने बहराल राजनीतिक महत्वकांशा हर किसी की होती है हर कोई आगे बढ़ना चाहता है जो ग़लत भी नही पर अपने ही नेताओ के गाल पर तमाचा मारने वाला बयान कांग्रेस के नेताओ के अधिक सुनने को मिलते है आज भले ही भाजपा के नेताओ के बीच भी आपसी मतभेद हो ,पर वो उस जंग को सड़कों पर नही लाते उसे पार्टी स्तर पर निपटा लेते है इसलिए भाजपा इस मोर्चे पर आगे है। लेकिन आज भाजपा के सगठन ओर सरकार को भी इस आपस मैं लड़ती भिड़ती कांग्रेस को कमजोर नही समझना होगा क्योकि इनके बड़े नेताओं का आपस मैं लड़ना भिड़ना तो राज्य के गठन से ही जारी है पर फिर भी ये दूब की तरह कब पनप जाये कोई नही जानता इसलिए भाजपा का सगठन भी उत्तराखंड कांग्रेस को हल्के में ना ले क्योकि आने वाले समय मैं जनता की चौखट पर वोट मांगते समय आपके पास कोई भी बहाना नहीं होगा