

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को चकराता विधानसभा क्षेत्र की वर्चुवल सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूरे चकराता क्षेत्र को उन्होंने नजदीक से देखा है। क्षेत्र की समस्याओं से वे परिचित हैं, उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सडकों के लिये 33 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई जबकि लगभग 20 वर्षों से लम्बित पीएमजीएसवाई सडकों का निर्माण प्रारम्भ कराया गया है। नागथात पेयजल योजना को 28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह योजना पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ ही रोजगार का भी साधन बने इसके प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चकराता पर्यटन की दृष्टि से अपनी पहचान बना रहा है।
यहां की बर्फबारी देखने बड़ी संख्या में यहां लोग आने लगे हैं। लाखा मण्डल को 13 नये पर्यटन गंतव्य में सम्मिलित किया गया है। जौनसार बावर की खूबसूरत संस्कृति है। अतिथि देवो भवः की परिकल्पना का यह क्षेत्र साक्षी रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों का अपनी सोच को व्यावसायिक बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारे लोग मेहनती पढ़े लिखे व व्यवहार कुशल हैं। हमें स्वरोजगार को अपना कर दो लोगों को रोजगार देने वाला बनना होगा।
हम पंचशील के सिद्धांत पर चलें। लेकिन चीन ने 1962 में हम पर हमला कर हमारी 36 हजार वर्ग कि.मी. जमीन पर कब्जा कर लिया। हम विस्तारवारी नीति के पक्ष में कभी नहीं रहे। गलवान घाटी की घटना के बाद अब चीन स्वीकार कर रहा है कि उसका एक कमाण्डर और 20 से कम सैनिक मारे गये है।। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन को यह समझना होगा कि आज का भारत 1962 का नहीं 2020 का भारत है। हमारे सैनिकों की आत्म शक्ति मजबूत है। भारत अपनी एक इंच जमीन चीन को नहीं लेने देगा।For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser