
मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद पूरी त्रिवेंद्र सरकार व बैठक मैं शामिल अफसर होम क्वारंटाइन ! नियमो का पालन जारी ।
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इससे पहले उनकी पत्नी की रिपोर्ट कोविड-19 पॉजिटिव आई थी। वे फिलहाल ऋषिकेश एम्स में भर्ती हैं और इलाज चल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के अलावा उनके बेटे, बहू समेत स्टाफ के 22 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद हड़कंप मच गया है क्योंकि सतपाल महाराज शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए थे। इस मीटिंग में राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे। इतना ही नहीं पर्यटन विभाग की एक बैठक में भी सतपाल महाराज शामिल हुए थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, कोरोना संक्रमित पाए गए व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को क्वरांटाइन किया जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री समते उत्तराखंड की पूरी कैबिनेट होम क्वारंटाइन हो गई है !!! इस तरह की ख़बर कल देर रात तक सोशल मीडिया मैं आ रही थी
उड़ती ख़बर ये भी आई थी कि CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उनके मंत्रिमंडल के साथ ही मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और उनकी नौकरशाहों की टीम अब घर से ही सरकार चलाएँगे।
हमने सुना कि मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद सरकार ने फैसला किया है कि मुख्यमंत्री और मंत्री ही नहीं बल्कि नौकरशाह भी अब होम कोरेंटिन होंगे। ओर राज्य के एक अधिकारी ने कहा कि कैबिनेट के बैठक में वह सबसे पीछे बैठते हैं लेकिन लो रिस्क मानकों के मुताबिक भी होम कोरेंटिन और वर्क फ्रम होम का पालन वह तथा अन्य अफसर करेंगे!
पर देर रात
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आईसीएमआर की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। संक्रमित व्यक्ति के कांटेक्ट ट्रेसिंग की दो श्रेणी तय की गई है।
इसमें हाई रिस्क और लो रिस्क श्रेणी शामिल है।
अधिक रिस्क वाले कांटेक्ट की दशा में 14 दिन का होम क्वारंटीन किया जाएगा
और आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपल टेस्ट किए जाएंगे।
कम रिस्क वाले कांटेक्ट वाले अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने वाले मंत्री और अधिकारी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के क्लोज कांटेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाले कांटेक्ट के तहत आते हैं।
वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं है। सचिव ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से कैबिनेट में शामिल मंत्रियों और अधिकारियों की सूची मांगी गई थी।












