
उत्तराखंड में आज से प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ जनरल ओबीसी कर्मचारियों का आंदोलन और आक्रामक रुख के साथ दिखेगा ,
जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने आज से बेमियादी हड़ताल में स्वास्थ्य, बिजली, पानी व रोडवेज सरीखी अति आवश्यक सेवाओं को ठप करने का फैसला पहले ही कर
लिया था ।
लगातार एसोसिएशन के नेताओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों के कर्मचारी संघों और परिसंघों के नेताओं ने बैठक करते हुए हड़ताल की रणनीति को अंतिम रूप दिया
जिसके चलते आज सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के बाद शाम को मशाल जुलूस निकाला जाएगा ।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने एलान किया कि आज से अति आवश्यक सेवाएं भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे धैर्यपूर्वक अपने संघर्ष को कायम रखें क्योंकि यह लड़ाई लंबी चलेगी।
मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील दत्त कोठारी ने कहा कि सरकार को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने फारेस्ट गार्ड भर्ती घोटाले के खिलाफ आंदोलन कर रहे बेरोजगार युवा संघ के आंदोलन के समर्थन का एलान किया और इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। सभा का संचालन विक्रम सिंह रावत ने किया।
वही सूत्रों का कहना है कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों से निपटने को एस्मा लागू कर सकती है !
बेमियादी हड़ताल पर जाने के समय भी सरकार ने पहले दिन अपील करने के बाद दूसरे दिन सुबह ही नो वर्क नो पे का फरमान जारी कर दिया था।
वही इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि
इस समय प्रदेश के सामने कोरोना का भी संकट है। कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है कि कर्मचारियों को तन्ख्वाह न मिल रही हो। कर्मचारियों को राज्य हित के बारे में पहले सोचना चाहिए। आपातकालीन सेवाओं को बंद करने की यदि बात कह रहे हैं तो वह ठीक नहीं है।
तो वही दीपक जोशी जो प्रदेश अध्यक्ष है उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के उनका कहना है कि
सरकार से हम लगातार अपील कर रहे हैं कि हर महीने बड़ी संख्या मैं अफसर, कर्मचारी बिना प्रमोशन के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रमोशन में रोक के कारण उनका अहित हो रहा है। सरकार बगैर आरक्षण प्रमोशन से रोक हटा दे, जनरल ओबीसी कर्मी काम पर लौट जाएंगे।





