बहुगुणा जी आपके काऊ पर लटकी सगठन की तलवार, अजय भट्ट जी ने पूरे मामले की जांच बैठा दी

 

अब देखो ना पंचायत चुनाव के पहले चरण  का मतदान हो चुका है पर उससे पहले पूरे उत्तराखंड मैं भाजपा समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ सोशल मीडिया में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ के ऑडियो प्रकरण खूब वायरल हुवा।

mostbet


उस आडियो को सुनकर लग रहा था कि भाजपा विद्यायक उमेश शर्मा में मानो जैसे भाजपा के साथ बगावत कर डाली हो
जिसको लेकर भाजपा की किरकिरी भी खूब हो रही है ।
ओर फिर मीडिया के आगे ।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट आये और तड़ाक से बोले कि इस पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है उन्होंने कहा कि ऑडियो की जांच कराई जा रही है। यदि इसमें सत्यता पाई गई तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तो भाजपा , विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मीडिया के आगे ऑडियो को नकारते हुए इसे उनके खिलाफ साजिश करार दिया। ओर वे भी चाहते है।

कि इस

आडियो की जांच हो तब सबको मालूम चल जाएगा कि सच क्या है
फिलहाल तो भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ के सोशल मीडिया में वायरल हुए कथित ऑडियो ने पार्टी को असहज कर रखा है।
जानकार बोलते है कि इससे पहले हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान भी प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी नेतृत्व और भाजपा विधायक के मध्य तनातनी चर्चा के केंद्र में रही थी। ओर उस दौरान रायपुर क्षेत्र मैं कुछ भाजपा के लोगो को विद्यायक काऊ का पुतला फूंकते भी देखा गया था । क्योकिंस चुनाव मैं कुछ भाजपा के लोग हारे थे और विधायक काऊ के समर्थक जीते थे।
बहराल ऑडियो के मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि इस प्रकरण में जिला स्तर से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। यदि इसमें सत्यता पाई गई तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। अनुशासनहीनता की इजाजत किसी को नहीं है। यदि कोई अनुशासन तोड़ता है तो उसे बाहर का रास्ता दिखाने से पार्टी नहीं हिचकेगी।
आपको बता दे कि एक समय रायपुर के विधायक उमेश शर्मा काऊ उस समय के त्रिवेंद्र सिंह रावत की आंखों में बुरी तरह चुभते थे पर आज ऐसा नही है ।


साल 2012 में , जब उमेश शर्मा काऊ ने त्रिवेंद्र रावत को रायपुर से विधायक का चुनाव हरा दिया था। तब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस से मात्र एक सीट पीछे रह गई थी और उसी एक सीट की बढ़त के कारण प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी।
फिलहाल पिछले ढाई साल से अधिक समय से उमेश शर्मा काऊ भाजपा के सिपाही है और इससे पहले ख़बर ये आई थी कि उमेश शर्मा के समर्थकों को निकाय चुनाव में टिकट नही मिल पाया भाजपा से । जिसका अंजाम यह हुआ था कि त्रिवेंद्र रावत द्वारा पार्षद के लिए दिए गए टिकट वाले लगभग आधा दर्जन प्रत्याशी चुनाव हार गए थे जबकि उमेश शर्मा काऊ के समर्थक रहे निर्दलीय प्रत्याशी जीत गए। थे।
कुल मिलाकर विजय बहुगुणा के उमेश  काऊ से भाजपा का सगठन कही सवाल कर सकता है
आगे कुछ भी हो सकता है ।


सूत्र ये बोलते है कि काऊ को भाजपा मैं लाने के बाद से रायपुर विधानसभा के भाजपा के कार्यकर्ता नाराज़ है। और वे पार्टी को पहले भी कही बार अपनी नाराजगी जता कर ये तक कह चुके है कि देख लेना सर एक दिन ये आपकी पार्टी की फजीहत जरूरर करायेगे।
बहराल आगे देखते है होता है क्या क्या क्योकि एक तरफ काऊ को इस पूरे मामले से बाहर निकालने के लिए फील्डिंग बिछाई जा चुकी है तो दूसरी तरफ काऊ को पार्टी से बाहर करवाने के लिए सूत्र बोलते है कि रायपुर विधानसभा भाजपा के कुछ कार्य करता अब मोर्चा खोलने जा रहे है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here