
कंधों पर कपड़े और सिर पर बस्ता रख नदी पार कर रवाना हुई पोलिंग पार्टी

ख़बर उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में चुकुम गांव से है जहा के लोग सालो साल से अब इस समस्या के आदि जो चुके है। इन लोगो को पुल की माँग करते करते अरसा बीत गया पर माग आज भी अधूरी ही है
लेकिन इस बार कुछ वो तस्वीर कैद हुई है जो बता दे कि इनका दर्द है क्या जी हां
तस्वीर बोल रही है
कि कंधों पर कपड़े और सिर पर पोलिंग बस्ता रखकर अधिकारी-कर्मचारी भी नदी मैं उतरने को मजबूर थे।
ओर लगभग साढ़े 3 से साढ़े चार फीट गहरे पानी में फिर ग्रामीणों का ही सहारा लेकर जैसे तैसे उन्होंने इस नदी को पार किया
ख़बर है कि इस चुकुम गाँव के ग्रामीण काफी सालो से एक पुल की मांग कर रहे हैं।
पर इनकी मांग आज तक पूरी नही हो पाई इस बीच ना जाने कितनी सरकारें आईं और गईं,
पर चुकुम के ग्रामीण आज भी कोसी नदी में उतरकर ही मोहान के लिए आवाजाही करते हैं।
कुछ मीडिया को ग्रामीणों ने बताया और उनकी सुने तो विधायक हो या सांसद सबसे से पुल के निर्माण की वे लोग मांग कर चुके हैं, पर अब तक पुल ना बना साहब
ख़बर है कि शुक्रवार को रामनगर पहुंची पोलिंग पार्टी को भी चुकुम जाना था। ओर गांव जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था।
तब राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद घिडिल्याल के उत्साह बढ़ाने के बाद ग्रामीणों की मदद से पोलिंग पार्टी चुकुम गांव पहुंची।
जानकारी अनुसार चुकुम में मतदान केंद्र संख्या 13 है
इस गांव में कुल मतदाता 652 है, जिनमें 316 पुरुष है 336 महिलाएं है।
ये गांव अभी भी विकास से कोसो दूर है।
बहराल हमने तो आपको सच बया कर दिया बाकी सच्चाई और ईमानदारी के साथ इस गाँव के लोगो के विकास के लिए , क्षेत्र के विकास के लिए कोई
नेता वोट बैंक की राजनीति को छोड़ काम करे उन्हें दुवाये मिलनी तय है।और साहब ये दुवा हर मुसीबत मैं तुरूप का इका होगी आपके पास।
आगे आपकी मर्ज़ी।




