
देहरादून।।
पति ही निकला हत्यारा,
अवैध संबंध और प्रोपर्टी के चलते पत्नी को उतारा मौत के घाट।।।
1 साल पहले से पत्नी को मारने की कर रहा था पति प्लानिंग।
बचपन के दो साथियों के साथ मिलकर मामले को दिया अंजाम।
मामले में पहले रिंकू को भी मौत के घाट उतार चुका है अशोक रोहिल्ला।
राजस्थान में ले जा कर रिंकू की कराई थी हत्या।।।
पत्नी की हत्या का आरोप मड़ा था रिंकू पर।।।
आरोपी अशोक रोहिल्ला अस्पताल में है भर्ती, पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने ऊपर भी चलवाई थी गोली।
पुलिस ने हत्या का किया पर्दाफाश, मामले में दो आरोपी सहित पति पुलिस कस्टडी में।।
थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में 29 अगस्त की रात पति-पत्नी को गोली लगने और पत्नी की मौत का मामला।।
प्रेस नोट :- थाना नेहरुकोलोनी, देहरादून
दिनांक 30-08-19 को रात्री 00:31 बजे सिटी कन्ट्रोल रूम के माध्यम से थाना नेहरू कालोनी को सूचना प्राप्त हुई कि माता मन्दिर रोड पर एक महिला व उसके पति को कुछ व्यक्तियों द्वारा घर में घुसकर गोली मार दी है। उक्त सूचना से तत्काल उच्चाधिकारीगणों को अवगत कराते हुए थाना नेहरूकालोनी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा, मौके पर एक महिला कामना रोहिल्ला, पत्नी अशोक रोहिल्ला निवासी- माता मन्दिर रोड, धर्मपुर, उम्र 32 वर्ष मृत अवस्था में पडी थी तथा उसके पति अशोक उर्फ कपिल रोहिल्ला पुत्र कृष्णकांत रोहिल्ला निवासी उपरोक्त घायल अवस्था में पडा था, जिसके पेट में गोली मारी गयी थी। घायल व्यक्ति को तत्काल उसके परिजनों द्वारा अस्पताल ले जाया गया था। घटना के सम्बन्ध में जानकारी करने पर घायल अशोक रोहिल्ला द्वारा बताया गया कि रिंकू उर्फ अजय वर्मा निवासी- अमनविहार, शास्त्रीनगर रायपुर, जो कि उसकी बुआ के देवर का लडका था, के द्वारा अपने दो अन्य साथियों, जो कि हैलमेट पहने हुए थे, के साथ रात्रि 12:00 बजे घर में घुसकर उक्त घटना को अंजाम दिया गया तथा जाते समय रिंकू व उसके साथी घर से सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी अपने साथ ले गये। उक्त सम्बन्ध में कामना के भाई अमन की तहरीर के आधार पर थाना नेहरू कालोनी पर मुकदमा अपराध संख्या: 271/19 धारा- 302/201 आई0पी0सी0 पंजीकृत किया गया। अशोक रोहिल्ला के बयानों के आधार पर पुलिस द्वारा अपनी जांच को आगे बढाते हुए आस-पास के सीसीटीवी कैमरो की फुटेज को कब्जे में लेकर चैक किया गया तो उक्त सीसीटीवी फुटेज में ऐसे कोई भी बाइक सवार व्यक्ति आते व जाते हुए नहीं दिखाई दिये। चूंकि अशोक रोहिल्ला आईसीयू में भर्ती था, जिस कारण उससे और अधिक पूछताछ करना सम्भव नहीं था। अशोक रोहिल्ला के बयान संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस द्वारा मैनुवली कार्य करते हुए अशोक व उसके करीबियों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी। जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि अशोक मूल रूप से सरधना, मेरठ का रहने वाला है तथा उसके एक करीबी दोस्त दीपक शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा निवासी सरधना, मेरठ का देहरादून में उसके घर पर अकसर आना जाना था। दीपक के सम्बन्ध में जानकारी एकत्र करने हेतु पुलिस टीम को सरधना, मेरठ रवाना किया गया, परन्तु दीपक अपने घर पर मौजूद नहीं मिला तथा उसका मोबाइल फोन भी बंद होना पाया गया। दीपक की गतिविधी संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस टीम द्वारा उसके सम्बन्ध में और अधिक जानकारी जुटाई गयी तो ज्ञात हुआ कि दीपक का छोटा भाई गौरव शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा निवासी सरधना, मेरठ उक्त घटना के दिन मेरठ से देहरादून आया था तथा घटना के अगले दिन वापस मेरठ चला गया। जिस पर पुलिस टीम द्वारा गौरव की तलाश हेतु उसके घर पर दबिश दी गयी तो वह भी अपने घर से गायब मिला तथा घटना के बाद से उसका फोन भी लगातार बंद होना पाया गया। जिस पर पुलिस टीम का शक और भी गहरा हो गया। दीपक व गौरव की तलाश हेतु थानाध्यक्ष नेहरू कालोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सम्भावित स्थलों पर दबिश दी गयी। गोपनीय सूत्रों के जरिये पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि दीपक व गौरव सरधना से राजस्थान भागने की फिराक में हैं। जिस पर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर उक्त दोनो व्यक्तियों को दोराला सरधना रोड, मेरठ से अशोक रोहिल्ला की टाटा विस्टा कार संख्या: डीएल-3सी-वीवी-3879 के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों से पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करने लगे, जिस पर पुलिस टीम द्वारा सांइटिफिक तरीके से टैकल करते हुए दोनो अभियुक्तों से पूछताछ की गयी तो अभियुक्त गौरव द्वारा अशोक रोहिल्ला से फिरौती लेकर मृतका कामना रोहिल्ला की हत्या करना स्वीकार किया गया। साथ ही अभियुक्त गौरव द्वारा अशोक रोहिल्ला के कहने पर अपने एक अन्य साथी परवेज उर्फ बसरू निवासी सरधना मेरठ के साथ नवम्बर 2018 में राजस्थान ले जाकर रिंकू उर्फ अजय वर्मा की हत्या करना भी स्वीकार किया गया। अभियुक्त गौरव की निशानदेही पर उक्त कार में से मृतका कामना रोहिल्ला के घर/घटना स्थल की डीवीआर व 15000/- रू0 नकद बरामद किये गये।
*पूछताछ का विवरण:*
पूछताछ में अभियुक्त दीपक शर्मा द्वारा बताया गया कि अशोक उर्फ कपिल उसका बचपन का दोस्त था। इन दोनो ने सरधना में साथ में पढाई की थी। वर्ष: 2008-09 में अशोक चकराता रोड स्थित एक पीसीओ और डीजे में एक रजनी (काल्पनिक नाम) नाम की युवती के साथ कार्य करता था, जिसके साथ उसके घनिष्ठ सम्बन्ध थे। कामना का विवाह पूर्व में रजनी के भाई सनी के साथ तय हुआ था। कामना व अशोक उर्फ कपिल की पहचान रजनी के माध्यम से हुई। धीरे-धीरे उन दोनो के मध्य नजदीकियां बढने लगी, जिस कारण कामना ने सनी के साथ विवाह करने से इन्कार कर दिया। इसके पश्चात अशोक व कामना साथ रहने लगे। परन्तु कुछ समय बाद अशोक, कामना से शादी करने मे आनाकानी करने लगा, परन्तु कामना की जिद के कारण अशोक ने पहले उसके साथ कोर्ट मैरिज की तथा उसके बाद वर्ष 2014 में दोनो परिवारों की सहमति से विवाह कर लिया। विवाह के बाद कामना द्वारा माता मन्दिर रोड पर घर लेकर अपना बुटिक प्रारम्भ किया गया तथा अशोक भी अपने परिजनों को छोडकर उसके साथ रहने लगा। अशोक बेहद लालची किस्म का व्यक्ति था तथा कामना के चरित्र को लेकर उस पर शक करता था। जिस कारण दोनो के मध्य अक्सर मनमुटाव व विवाद रहता था। जिसकी पुष्टि अशोक व कामना के पारिवारिक मित्रों से पूछताछ के दौरान भी हुई। अशोक व कामना ने अपने कारोबार के लिये कई बैंको से लोन तथा मार्केट में कई लोगो से लगभग 60 से 70 लाख रूपये उधार लिया था। आपसी मनमुटाव के कारण अशोक पर उधार का बोझ बढता गया तथा वह आर्थिक रूप से परेशान रहने लगा। इस बीच कामना की आयुष नाम के एक व्यक्ति, जो फाइनेंसर का काम करता था, के साथ जान पहचान हो गयी। आयुष के साथ नजदीकियां बढने से उसका अक्सर कामना के घर आना जाना हो गया तथा उन दोनो के बीच फोन के माध्यम से भी काफी बातचीत होने लगी। जिससे अशोक के अन्दर वैमनस्य की भावना पैदा हो गयी तथा उनके मध्य विवाद और गहरा हो गया।
इस सम्बन्ध में अशोक द्वारा अपने बचपन के दोस्त दीपक शर्मा को वर्ष: 2018 में कामना व आयुष के रिश्ते की जानकारी देते हुए बताया कि वह कामना के चरित्र को लेकर काफी परेशान है तथा आर्थिक रूप से भी काफी कर्जे में डूब चुका है। जिस कारण उसने दीपक शर्मा के साथ मिलकर कामना को रास्ते से हटाने का फैसला किया। अशोक का मानना था कि कामना को रास्ते से हटाने से उसे उससे छुटकारा मिल जायेगा तथा कामना के नाम पर बैंक व बाजार से लिया गया पैसा भी उसे मिल जायेगा। इसके लिये अशोक ने दीपक शर्मा को अपने बुआ के देवर के पुत्र रिंकु उर्फ अजय वर्मा के सम्बन्ध में बताया तथा योजना बनाई कि रिंकू उर्फ अजय वर्मा एक आपराधिक व आवारा किस्म का व्यक्ति है, जिसे उसके परिजनों द्वारा बेदखल किया गया है। वह पूर्व में भी थाना डालनवाला में पंजीकृत हत्या के अभियोग में जेल जा चुका है। यदि हम पहले उसकी हत्या कर दें तथा उसके पश्चात कामना की हत्या कर इल्जाम रिंकू उर्फ अजय वर्मा पर लगा दें तो इस सम्बन्ध में किसी को कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो पायेगी, क्योंकि रिंकू को कोई पूछने वाला नहीं है तथा कामना की हत्या कर उसका नाम आसानी से लिया जा सकता है। उक्त योजना के तहत दीपक ने अशोक को मेरठ ले जाकर अपने छोटे भाई गौरव व गौरव के दोस्त परवेज उर्फ बसरू से मिलवाया। दोनो की हत्या के लिये फिरौती की रकम 02 लाख रू0 तय हुई, जिसमें से 01 लाख रूपये उन्हें रिंकू की हत्या करने पर तथा शेष 01 लाख रूपये कामना की हत्या करने के बाद मिलना तय हुआ। योजना के तहत 03-11-2018 को अशोक के जन्मदिन पर दीपक, गौरव व उसका दोस्त परवेज देहरादून पहुंचे तथा देहरादून में होटल आनन्दा में रूके। अशोक ने अपने जन्मदिन के बहाने रिंकु उर्फ अजय वर्मा को अपने दोस्त के सहस्त्रधारा स्थित घर पर बुलाया तथा रिंकू को राजस्थान में नौकरी दिलाने की बात कहकर दीपक, गौरव व परवेज के साथ राजस्थान भेज दिया। राजस्थान जाने के लिये गाडी अशोक द्वारा बुक की गयी थी। दिनाँक: 04-11-2018 को सरधना मेरठ पहुंचने पर दीपक वहीं रूक गया तथा गौरव व परवेज रिंकु उर्फ अजय वर्मा को लेकर राजस्थान चले गये। राजस्थान पहुंचने पर परवेज द्वारा रिंकू को शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया तथा उसके बाद गला घोटकर उसकी हत्या कर दी तथा उसके शव को राजस्थान में चुरू नामक स्थान पर मुख्य हाइवे से एक किलोमीटर अन्दर फेंककर वापस आ गये। रिंकू की हत्या करने के पश्चात् अशोक ने गौरव व परवेज के माध्यम से कई बार कामना को रास्ते से हटाने का प्रयास किया परन्तु परवेज द्वारा हत्या से इन्कार करने पर वह इसमें कामयाब नहीं हो सका। परवेज को डर था कि देहरादून में कामना की हत्या करना सुरक्षित नहीं है तथा इससे उनके द्वारा पूर्व में की गयी रिंकू की हत्या से भी पर्दा उठ सकता है। परवेज द्वारा इन्कार करने के उपरान्त गौरव ने अशोक से सम्पर्क किया तथा बताया कि नवम्बर में उसका विवाह होना है, जिसके लिये उसे पैसों की आवश्यकता है और वह अकेले ही कामना की हत्या कर सकता है। योजना के तहत गौरव ने अपने साथी से अशोक को घटना में प्रयुक्त पिस्टल दिलवायी तथा दिनांक: 28-08-19 को देहरादून पहुंच गया एवं उस दिन अशोक उर्फ कपिल के घर पर ही रूका। रात को कामना की हत्या करने का प्लान था, लेकिन उसी दिन उसके घर पर कामना के परिचित लोगों के आने के कारण उस दिन हत्या नहीं कर पाये एंव अगले दिन 29-08-2019 को रात्रि के समय जब कामना अपने बैड पर लेटी हुई थी तो कपिल के कहने पर गौरव के द्वारा कामना के सिर पर गोली मारकर कामना की हत्या करने के उपरान्त अशोक के कहने पर उसके पेट में बांयी साइड से गोली मार दी तथा अशोक द्वारा दी गयी डीवीआर व पिस्टल को लेकर जाने लगा पर अशोक द्वारा उसे पुलिस चैंकिग मे पिस्टल पकडे जाने के डर से उक्त पिस्टल को अपने पास ही रख लिया तथा घटना स्थल के डीवीआर के साथ गौरव को अपनी टाटा विस्टा कार के साथ मेरठ रवाना किया गया।
मृतक रिंकू के शव के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने हेतु थाना नेहरू कालोनी से एक टीम को राजस्थान रवाना किया गया है।
*नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त:*
01- गौरव शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा निवासी: सरधना मेरठ
02- दीपक शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा निवासी: सरधना मेरठ
*वांछित अभियुक्त:*
01- परवेज उर्फ बसरू निवासी: सरधना मेरठ
02- अशोक रोहिल्ला, पुत्र कृष्णा रोहिल्ला, निवासी: माता मन्दिर रोड, अजबपुर कला नेहरू कालोनी,
मूल निवासी- सरधना, मेरठ
*बरामदगी*
01- घटना स्थल की डीवीआर
02- 15000/- रू0 नकद
03- टाटा विस्टा कार संख्या: डीएल-03सी-वीवी-3879
*पुलिस टीम:*
*थाना नेहरू कालोनी*
01- श्रीमती जया बलूनी, क्षेत्राधिकारी डालनवाला
02- उ0नि0दिलबर सिंह नेगी, थानाध्यक्ष, नेहरू कालोनी
03- उ0नि0आशीष रावत
04- उ0नि0अजय रावत
05- उ0नि0राजेश कुमार
04- उ0नि0प्रवीन पुण्डीर
05- उ0नि0पंकज तिवारी
06- उ0नि0दीपक कुमार
07- कां0 दीपप्रकाश,
08- कां0 गम्भीर
09- कां0 विजय
10- कां0 हितेश
11- कां0 नीरज
12- कां0 अजय
13- कां0 किरन
*एस0ओ0जी0टीम* :
01:- श्री एश्वर्य पाल, प्रभारी निरीक्षक एसओजी,
02- कां0 आशीष
03- कां0 अजय
04- कां0 पकंज
05- कां0 अरशद
*पुरूस्कार का विवरण:*
*घटना के अनावरण करने वाली पुलिस टीम को श्रीमान महानिदेशक, कानून व्यवस्था महोदय द्वारा रू0 10000/- , पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र महोदय द्वारा रूपये 5000/- एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा रूपये 2500/- के इनाम की घोषणा की गयी।*






