कानून लाचार है’ का नैरेटिव गढ़ा गया, लेकिन सच्चाई ने खोल दी साजिश की परतें






 

‘कानून लाचार है’ का नैरेटिव गढ़ा गया, लेकिन सच्चाई ने खोल दी साजिश की परतें

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रुद्रपुर में विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेसवार्ता में कहा कि उनके बेटे सौरभ बेहड़ ने अपने ऊपर हमले की साजिश खुद रची थी। बेटे की इस हरकत पर उन्होंने दुख जताते हुए सभी के सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और सहयोग के लिए सीएम धामी का आभार जताया।
किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे सौरभ बेहड़ ने अपने ऊपर हमले का षड्यंत खुद रचा था।
वहीं एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा खुद पर हमले कराने की साजिश का हुआ पर्दाफाश
अवैध हथियारों के साथ तीन हमलावर भी दबोचे गए और मास्टरमाइंड सौरभ बेहड़ के साथी इंदर नारंग को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। जांच में सामने आया कि हमले की पूरी साजिश सौरभ बेहड़ और इंदर नारंग द्वारा रची गई, पारिवारिक विवाद के चलते सहानुभूति पाने के लिए सौअभ बेहड़ द्वारा खुद पर हमला करवाने की योजना बनाई गई जिसके बाद उसने इन्दर नारंग को साजिश में शमिल कर उससे हमला कराने का प्लान तैयार करने को कहा कुल मिलाकर इस पूरे घटनाक्रम से एक गंभीर सच्चाई भी उजागर हो गई कि प्रदेश के भीतर किस तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चाहे मामला कुछ भी हो, उसे किसी न किसी तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जोड़ने और धामी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की सुनियोजित कोशिशें की जा रही हैं। उद्देश्य साफ है, सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना और जनता के बीच भ्रम पैदा करना।
पर ऐसे चेहरे जल्द ही बेनकाब होंगे।
चाहे बात दबंग पांडे प्रकरण की हो, या षड्यंत्र रचने वालों की भूमिका की हो, या फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों को जेल से बाहर निकालने की साजिश की हो, इन सभी मामलों की कड़ियाँ कहीं न कहीं एक ही दिशा की ओर इशारा कर रही हैं कि कुछ भी हो जाए साम, दाम, दंड, भेद…
बस धामी जी की या धामी सरकार की इमेज खराब करो…
पर प्रदेश की जनता अब सच और साजिश के फर्क को समझने लगी है, और आने वाले दिनों में कई बारीक परतें खुलने की संभावना है।

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