हमारे व्हॉट्सपप् ग्रुप से जुड़िये

देहरादूनः साल 2021 के सात फरवरी को उत्तराखंड में चमोली जिले के तपोवन रैणी गांव में आपदा आई थी। उस समय ऋषिगंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण भयानक जलप्रलय आई थी। लेकिन अब उसी क्षेत्र में बने ग्लेशियर में भी दरारें दिखी हैं।
ग्लेशियर में दरारें पड़ी होने की ग्रामीणों की सूचना पर चमोली जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और आईटीबीपी के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। कहा कि ग्लेशियर क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाएं रखें।
बता दे की जिस ऋषि गंगा के उद्गम स्थल से बीती सात फरवरी को जलप्रलय हुई थी, वहां अभी भी ग्लेशियर में दरारें पड़ी हुई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

यह भी पढ़े :  है विधाता हमनू तेरु क्या बिगाड़ी केकी लगी होली नज़र हमरा उत्तराखंड का नौनीयालो पर दुःखद


अभी कुछ दिनों पहले ग्रामीणों ने ग्लेशियर क्षेत्र का भ्रमण किया था और इसकी जानकारी प्रशासन को दी थी। अब इस मामले में डीएम स्वाति एस भदौरिया ने एसडीआरएफ और आईटीबीपी के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।

यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here