*निर्माण कार्य के धनराशि की सीमा असीमित की जाएगी: महाराज*

*ग्रामीण निर्माण विभाग को गैर अभियान्त्रिकी विभागों की कार्यदायी संस्था बनाया जायेगा!*

*ग्रामीण निर्माण विभाग की स्थापना का स्वर्ण जयंती समारोह*

देहरादून। ग्रामीण निर्माण विभाग का स्वरूप अन्य सभी अभियान्त्रिक विभागों की भाँति होने के कारण निर्माण कार्य किये जाने की सीमा 015.00 करोड़ से बढाकर असिमित किये जाने पर मंथन चल रहा है। चूंकि वर्तमान में विभाग द्वारा अन्य गैर अभियान्त्रिकी विभागों के निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं इसलिए गैर अभियान्त्रिकी विभागों की कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को बनाये जाने हेतु भी विचार किया जा रहा है।

उक्त बात प्रदेश के पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने ग्रामीण निर्माण विभाग की स्थापना के स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही।

रिंग रोड स्थित एक होटल में ग्रामीण निर्माण विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में विभागीय लोगो ता अनावरण करने के पश्चात विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, अभियंताओं और उपस्थित लोगों को स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण निर्माण विभाग पूरे प्रदेश में उच्च गुणवत्ता युक्त विभिन्न विभागों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के साथ-साथ अन्य निर्माण कार्य भी कर रहा है।

ग्रामीण निर्माण मंत्री महाराज ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में 1972 में इस विभाग की स्थापना ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा विभाग के रूप में की गई थी। विभाग स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं अति दुर्गम स्थानों में आम जन मानस को मूलभूत सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से हुआ था। विभाग द्वारा सुदूर क्षेत्रों में जहां एक ओर छोटे-छोटे निर्माण कार्य जैसे कच्चे पैदल मार्ग, पुलिया, आंगनबाडी भवन, स्वास्थ्य उपकेन्द्र, पटवारी चौकी, सांसद निधि एवं विधायक निधि के लघु निर्माण कार्य करवाये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्कूल भवन, तहसील भवन, विकास खण्ड कार्यालय भवन, विकास भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के आवासीय व अनावासीय भवन जैसे महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि गत् वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 59 शासकीय विभागों, निगमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा भवनों व मार्गों को मिलाकर लगभग 5577 निर्माण कार्य कराए गए। जिसमें ग्राम्य विकास संस्थान रूद्रपुर के आवासीय व अनावासीय भवन, पी.आर.डी. विभाग का निदेशालय भवन, जनपद नैनीताल, बागेश्वर व रुद्रप्रयाग के विकास भवन, देहरादून में स्थित विधान सभा भवन एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शामिल है। कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत पुलिस, सी.पी.एम.एफ. के ट्रांजिट हॉस्टल के चार मंजिला भवन जिसकी लागत 405.57 लाख है का निर्माण कार्य साढे चार माह के रिकार्ड समय में पूर्ण किया गया।

ग्रामीण निर्माण मंत्री ने बताया कि नाबार्ड पोषित एवं राज्य योजना के अन्तर्गत कुल 201 ग्रामीण मोटर मार्गों (लम्बाई 386.663 कि.मी.) का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 314 ग्रामों की कुल 1,54,993 जनसंख्या लाभान्वित हुई है। प्रदेश में कार्यरत तकनीकी विभागों, कार्यदायी संस्थाओं में ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्यों हेतु स्थापना व्यय (वित्तीय वर्ष 2021-22 में 7.55 प्रतिशत) न्यूनतम है।

उन्होंने कहा कि सरकार की जन उपयोगी योजनाओं को त्वरित गति से पूर्ण करने हेतु विभागीय कार्यक्षमता को बढ़ाया जाना अति आवश्यक है। इसलिए विभागीय पुनर्गठन किये जाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि पूर्ववर्तीय राज्य उत्तर प्रदेश में इस विभाग द्वारा लगभग 50 जनपदों में पी.एम.जी.एस.वाई. का कार्य स्वतंत्र रूप से किया जा रहा है।इसी क्रम में इस योजना के अधीन पूर्ण मार्गों के रख रखाव हेतु ग्रामीण निर्माण विभाग को हस्तान्तरित कर विभागीय बजट का प्राविधान किये जाने की योजना है। प्रदेश की ऐसी बसावटें जो पी.एम.जी.एस.वाई. अथवा अन्य कारणों से संयोजित होने से छूट गई है, उनके संयोजन हेतु ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा प्राथमिक सर्वे कर डाटा बेस तैयार किया जा चुका है। ऐसी बसावटों को प्रतिबद्ध रूप से संयोजित किये जाने हेतु मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना को लागू किये जाने पर विचार किया जा रहा है।

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ग्रामीण निर्माण मंत्री श्री महाराज ने विभाग में तकनीकी संवर्ग के 487 पदों के सापेक्ष 238 लगभग (48 प्रतिशत) तथा गैर तकनीकी संवर्ग के कुल 398 पद के सापेक्ष 128 ( 32 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने के निर्देश देते हुए कहा कि रिक्त पदों पर नियुक्ति के बाद विभाग की कार्यक्षमता को तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा। निर्माण के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास तथा शासन की कार्यप्रणाली में सूचना प्रोद्योगिकी के आधुनिक प्रयोगों को देखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के निरन्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही जिससे सभी कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके। प्रदेश के विकास को गति देने के लिए विभाग को जिला योजना का सदस्य नामित किए जाने पर भी विचार चल रहा है।

महाराज ने कहा कि विभाग का स्वरूप अन्य सभी अभियान्त्रिक विभागों की भाँति होने के कारण निर्माण कार्य किये जाने की सीमा रू 015.00 करोड़ को असिमित किये जाने पर भी मंथन चल रहा है। विभाग द्वारा अन्य गैर अभियान्त्रिकी विभागों के निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। गैर अभियान्त्रिकी विभागों की कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को बनाये जाने हेतु प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रायपुर विधायक उमेश शर्मा “काऊ” ने भी ग्रामीण निर्माण विभाग की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग की बात कही।

स्वर्ण जयंती समारोह में देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, ग्रामीण निर्माण विभाग के सचिव नितेश झा, मुख्य अभियंता एवं विभागाध्यक्ष अजय कुमार पंत, मुख्य अभियंता (कुमाऊं) नवीन चंद्रा, पूर्व मुख्य अभियंता बी.एस. कैडा, पूर्व मुख्य अभियंता वाई. डी. पांडे, भाजपा रायपुर मंडल अध्यक्ष रूद्रेश शर्मा, महामंत्री मुकेश सुंद्रियाल, उपाध्यक्ष उज्जवला नेगी, मंडल मंत्री सुदर्शन चौधरी, तपोवन भाजपा मंडल अध्यक्ष बीना बहुगुणा, सहित नगर निगम क्षेत्र रायपुर के अनेक पार्षद एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

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