ख़बर पहाड़ से : गैरसैंण और धारचूला में फटा बादल, विधानसभा परिसर के पास हेलीपैड क्षतिग्रस्त पढ़े पूरी खबर

खराब मौसम को देखते हुए यमुनोत्री धाम की यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में एसडीएम ने आदेश जारी कर दिया है। कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते यमुनोत्री धाम का पैदल रास्ता कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया था

पहाड़ों में बारिश कहर बरपा रही है। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण के पास शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बादल फटा। इससे विधानसभा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर हेलीपैड का 20 मीटर लंबा किनारा क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही चोरड़ा गांव के जंगल में बांज, बुरांश, फनियाट के सैकड़ों पेड़ मलबे में दब गए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। इसके अलावा मल्ला दारमा के ग्राम सोबला तोक झिमीर गांव भेती नाले में बदल फटने से बीआरओ की तवाघाट सोबला सड़क पर भेती नाले में एक बेली ब्रिज बहने की सूचना मिली है। बादल फटने के कारण अचानक धौली नदी और महाकाली का जल स्तर बढ़ गया है। फिलहाल जनहानि की कोई सूचना नही है। धारचूला में भी बादल फटने की खबर है।

यह भी पढ़े :  देहरादून में कोरोना का तांडव जारी आज नये 152 कोरोना पाजिटिव तो और नैनीताल 51 सहित पूरे उत्तराखंड की कोरोना अपडेट रिपोर्ट

चोड़ा की ग्राम प्रधान विनीता देवी ने बताया कि घटना के समय लोग जंगल में जानवरों को चुगाने गये थे। बादल फटते ही उनमें अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि कोई मलबे की चपेट में नहीं आया। पानी के श्रोत भी मलबे में दब गए हैं। प्रधान ने बताया कि हेलीपैड निर्माण के दौरान निकले मलबे का ढेर ही आफत का सबब बना। पानी के साथ बहे इस मलबे ने जंगल को बर्बाद कर दिया है। उपप्रधान देव सिंह ने सरकार से जंगल की सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here