
आपको बता दे कि देवभूमी
उत्तराखंड में सारा अली खान व सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ को लेकर बवाल थम नहीं रहा है। एक तरफ जहां हाईकोर्ट ने फिल्म को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी वहीं सीएम ने कहा कि फिल्म की रिलीज को लेकर जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी कानूनी व्यवस्था की स्थिति के लिहाज से निर्णय लेंगे। इसके बाद डीएम सुशील कुमार ने पौड़ी, डीएम नीरज खैरवाल ने उधमसिंह नगर और डीएम विनोद कुमार सुमन ने नैनीताल और डीएम एस ए मुरुगेशन ने देहरादून जिले में भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी।
सरकार की पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के अधीन बनी कमेटी की गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक कर फिल्म रिलीज पर उत्तराखंड में रोक लगाने के बजाए जिलों पर जिम्मेदारी छोड़ दी है। आज सुबह से देशभर में फिल्म रिलीज होने जा रही है। कमेटी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को रिपोर्ट सौंपकर सभी जिलों को निर्णय से अवगत करवा दिया है। वहीं गृह विभाग को रिलीज के बाद स्थिति पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। समिति में डीजीपी अनिल रतूड़ी, सचिव गृह नितेश झा और सचिव सूचना दिलीप जावलकर शामिल हैं। इस समिति ने फिल्म देखने के बाद निर्णय लिया कि फिल्म प्रदर्शन पर जिलाधिकारी और एसएसपी पहले कानूनी व्यवस्था की स्थिति देखेंगे।
आपको बता दे कि भाजपा नेता अजेंद्र अजय ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद उसके दृश्यों पर आपत्ति दर्ज करवाई थी। इससे पहले दिन में फिल्म केदारनाथ के विरोध में विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने बृहस्पतिवार को शहरभर में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सिनेमाघरों के सामने फिल्म के पोस्टर फाड़कर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म में हिंदुओं की आस्था और पवित्र धाम केदारनाथ की छवि धूमिल करने के दृश्य हैं। फिल्म केदारनाथ आज देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग की है। वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार राजपुर रोड स्थित पैसेफि क मॉल, सिल्वर सिटी, सहस्त्रधारा रोड स्थित टाइम स्क्वायर, क्रॉस रोड मॉल आदि सिनेमाघरों में पहुंचकर फिल्म प्रदर्शित नहीं करने की अपील की। इसके अलावा सिल्वर सिटी और चकराता रोड स्थित प्रभात सिनेमाघरों में फिल्म के पोस्टर फाड़कर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान स्थिति बिगड़ती देख सिनेमाघर मालिक ने पुलिस को सूचना दी।
हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। प्रदर्शन में हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश संगठन महामंत्री संदीप खत्री, रंजीत ठाकुर, अजय गुप्ता, धर्मपाल सैनी, जगदीश भट्ट, राजीव कनौजिया, त्रिभुवन नेगी, खष्टी सिंह आदि शामिल रहे। हिंदू जागरण मंच और वीरांगना वाहिनी की ओर से मियांवाला चौक पर फिल्म के विरोध में सेंसर बोर्ड का पुतला फुंका। इस दौरान वीरांगना वाहिनी की जिलाध्यक्ष अंजना द्रोणी, रेखा भट्ट, उपाध्यक्ष सुधा राणा, अर्जुुन सिंह गुनियाल, सुशील कुमार, संतोष रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
बहराल आज पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारी की नज़र सड़क से लेकर सिनेमा हॉल तक हर गतिविधि पर रहेगी ।






