हम सभी जानते है कि जम्‍मू के पूंछ जिले के नाढ़खास में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में उत्‍तराखंड के दो जवान शहीद हो गए जिसके बाद पूरे उत्तराखण्ड में शोक की लहर है


शहीद टिहरी गढ़वाल के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी
और चमोली के राइफलमैन योगंबर सिंह थे।
आज (शनिवार ) को दोनों शहीदों का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया जा रहा है वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
दोनों जवानों के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और योगंबर सिंह ने देश सेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद जवानों के स्वजन को इस दुख की घड़ी में धैर्य रखने की कामना की है।

  टिहरी के विमाण गांव निवासी 26 साल के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी के शहीद होने की खबर सुनते ही उनके पूरे गांव में कोहराम मचा हुवा है
कल शुक्रवार सुबह 11 बजे उनकी पत्नी पार्वती देवी को फोन पर पति विक्रम सिंह नेगी के शहीद होने की सूचना मिली थी
वही विक्रम के चाचा और ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि विक्रम पांच साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे।


ओर तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी, उनका एक डेढ़ साल का बेटा भी है।
इस समय शहीद के माता-पिता और पत्नी गांव में ही है
विक्रम अपने घर का इकलौता बेटा था।
उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।
विक्रम की शहादत की खबर के बाद से ही विक्रम की 95 साल की दादी रुकमा देवी,
मां बिरजा देवी और पत्नी पार्वती का रो रो का बुरा हाल है तो दादी बेसुध हैैं।
परिजनों ने बताया कि विक्रम इसी साल जुलाई में गांव आया था और डेढ़ महीने की छुट्टी बिता कर गए थे।
वही फिर 22 अक्टूबर को विक्रम को फिर घर आना था। उनके घर में पूजा रखी गई थी, लेकिन इससे पहले ही उनके शहीद होने खबर आ गई।
सीमा पर देश के लिए शहादत देने वाले उत्तराखंड के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी साब सिंह नेगी के एकलौते बेटे थे आन उनकी शहादत की ख़बर मिलने के बाद उनके पिता कल देर रात गाव पहुचे है, जहा परिवार से मिलकर उनका भी रो रो कर बुरा हाल है
लेकिन साथ उन्हें विक्रम के शहीद होने पर गर्व भी है, वे  कहते है कि उन्होंने विक्रम को सदैव कहा था कि बेटा कभी जंग हुई तो पीठ मत दिखना डटकर मुकाबला करना और देखो मेरे बेटे ने दुश्मनों का डटकर मुकाबला किया और वो शहीद हो गया साथ वे फिर कहते है कि मुझे गर्व है मेरा बेटा देश के लिए शहीद हो गया पर
सरकार से माग की है कि जो भी हो सरकार एक बार आर पार की जंग लड़ने के लिए हमारे जवानों को खुला छोड़ दे बार बार अपनो को इस तरह शहीद होते नही देखा जाता
वही विक्रम की 95 साल की दादी लगातार कह रही है की कोई उनके नाती को वापस ले आये कोई उनके नाती को वापस ले आये ओर बेहोस हो जा रही है
इसी तरह विक्रम की बहन ,पत्नी पार्वती, ओर मा का हाल है
तो वही चमोली जिले के ग्राम सांकरी निवासी 27 साल के राइफलमैन योगंबर सिंह के
शहीद होने की सूचना फोन पर मिलने के बाद से उनके गांव में भी मातम छाया हुवा है
वहा की ग्राम प्रधान आनंद सिंह भंडारी ने बताया कि योगंबर छह साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। जुलाई माह में ही वह छुट्टी पर घर आए थे। शुक्रवार दोपहर दो बजे सेना मुख्यालय से योगंबर सिंह के स्वजन को उनके शहीद होने की सूचना मिली।
वही उनकी भी तीन साल पहले शादी कुसुम से हुई थी। उनका एक साल का बेटा अक्षित भी है।
शहीद के परिवार में माता जानकी देवी, पिता वीरेंद्र सिंह के अलावा शहीद के दो छोटे भाई प्रशांत और वसुदेव के अलावा एक बहन श्रुति भी है।
आज उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया जा रहा है

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