प्रदेश के दूरस्थ गांवों में सड़क की समस्या से लोग जूझ रहे हैं. पौड़ी मुख्यालय से सटे कोट ब्लॉक में सड़क ना होने के कारण बीमार बुजुर्ग को डोली की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. बुजुर्ग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मंडल मुख्यालय पौड़ी से सटे कोट ब्लॉक के लिई गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया में छाया है. वीडियो में ग्रामीणों द्वारा एक बीमार बुजुर्ग को डोली के माध्यम से 5 किमी पैदल चलकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि राज्य गठन होने के बाद भी गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है.

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वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी ग्राम सभा को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क निर्माण के लिए कई साल पहले बजट स्वीकृत कर दिया गया था, लेकिन राज्य गठन होने के 20 साल बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है. ग्रामीणों द्वारा आज भी बीमार लोगों को पैदल रास्ते से अस्पताल पहुंचाया जाता है.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क ना होने के कारण बीमार लोगों को पैदल रास्ते से जनपद मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया जाता है. इस कारण लोग गांव से पलायन कर रहे हैं. पलायन होने के कारण गांव खाली होने की कगार पर है.।

गौरतलब है कि पहाड़ का जीवन आज भी पहाड़ जैसी चुनौतियों से भरा है। उत्तराखंड गठन के बाद सरकारें बदलीं। मुखिया बदले। मगर नहीं बदली तो दूर गांवों की तस्वीर व तकदीर। सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में कई गांव हैं जो विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं ।

पहाड़ की तलहटी में बसे इन गांव के लोगों को सड़क तक आने के लिए कई किमी तक पथरीले, संकरे और खतरनाक रास्तों को पैदल पार करना पड़ता है। ग्रामीण मरीजों को डोली में लेकर अस्पताल आते हैं। ऐसे में अक्सर गंभीर रूप से बीमार मरीजों की समय से इलाज ने मिलने के कारण जान चली जाती है ।

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