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लक्सर: यूरिया खाद की किल्लत और किसानों में मची आपाधापी के बीच सहकारी गन्ना विकास समिति के गोदाम में आधी रात को यूरिया बांटने का मामला सामने आया है. मामले में गोदाम प्रभारी ने एसडीएम के आदेश पर रात में खाद बांटने की बात कही है। जबकि, एसडीएम पूरे मामले में बेखबर नजर आए. वहीं, अब एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीओ को जांचकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उधर, एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने गोदाम पहुंचकर यूरिया के स्टॉक की जांच की।

दरअसल, लक्सर के मथाना गांव निवासी कुंवर पाल सिंह मंगलवार को सहकारी गन्ना समिति लक्सर के गोदाम में खाद लेने के लिए पहुंचे थे. जहां खाद के लिए उन्हें 105वां नंबर दिया गया. शाम 5 बजे तक गोदाम पर 104 नंबर तक किसानों को खाद वितरित की गई. इसके बाद गोदाम प्रभारी ने शेष किसानों को बुधवार की सुबह खाद लेने के लिए आने की बात कहकर वापस लौटा दिया. बुधवार की सुबह किसान और उनके बेटे अश्विनी गोदाम पर खाद लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन गोदाम बंद मिला।

काफी इंतजार के बाद भी गोदाम नहीं खुलने पर अश्वनी ने गोदाम प्रभारी से फोन पर संपर्क किया. अश्वनी के मुताबिक, फोन पर प्रभारी ने बताया कि कुछ व्यक्तियों को एसडीएम से फोन कराने पर रात को एक बजे गोदाम खोलकर सारी खाद बांट दी गई. इस पर एसडीएम हैरान रह गए. एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने किसी कर्मचारी को फोन करके खाद बांटने के लिए कहा ही नहीं है. उनके नाम का इस प्रकार इस्तेमाल कर रात के समय खाद बांटने पर नाराज एसडीएम ने डीसीओ शैलेंद्र सिंह नेगी को मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने तहसीलदार को भी जांच के आदेश दिए. तहसीलदार मुकेश रमोला ने गोदाम पहुंचकर स्टॉक व गोदाम के रजिस्टर आदि की जांच की. तहसीलदार की जांच में गोदाम में रात के समय खाद बांटे जाने की बात सही निकली है. वहीं, एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।

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