•  सुनो उत्तराखंड  अटल आयुष्मान योजना मैं  फर्जीवाड़ा, जांच में हुआ खुलासा

आपको बता दे की उत्तराखंड मै अटल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त इलाज कराने के नाम पर खूब फर्जीवाड़ा हुआ है। ओर इस बात पर मुहर हुईं जांच ने लगा दी । वही जांच समिति ने पांच निजी अस्पतालों में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
ओर जल्द ही निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। आपको बता दें कि अब तक आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने पर काशीपुर और हरिद्वार के दो निजी अस्पताल पर सरकार ने कार्रवाई कर योजना से अनुबंध निरस्त किया है। इसमें काशी अस्पताल के चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। बता दे कि   त्रिवेन्द्र रावत की सरकार ने पिछले साल 25 दिसंबर से आयुष्मान योजना में 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज कराने की योजना का शुभारंभ किया था। ओर इस योजना में मुफ्त इलाज के लिए 170 सरकारी व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया। लेकिन छह माह के भीतर ही सरकार के पास योजना में फर्जीवाड़े की शिकायतें आने लगीं थी वही आयुष्मान योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत ने प्रिया हॉस्पिटल हरिद्वार, अली नर्सिंग होम काशीपुर, आस्था हास्पिटल काशीपुर, जीवन ज्योति अस्पताल लक्सर, सहोता मल्टी स्पेशलिटी जसपुर, कृष्ण हास्पिटल रुद्रपुर के खिलाफ जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की थी।
ओर तब समिति ने क्लेम के आधार पर मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें पाया गया कि अस्पतालों ने मोटी कमाई करने के लिए फर्जीवाड़ा किया। ओर सामान्य बीमारी वाले मरीजों को भी इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इसके साथ ही एक ही चिकित्सक दूसरे अस्पतालों में सेवाएं दे रहा है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आस्था और प्रिया हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई कर योजना से अनुबंध निरस्त किया गया। साथ ही अस्पताल के एक चिकित्सक के खिलाफ काशीपुर थाना में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की। जल्द ही अन्य निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। बहराल ये सरकार के साथ कम उस जनता के साथ ज्यादा खिलवाड़ हो रहा है जिसके लिए ये योजना बनाई गई है।और बोलता उत्तराखंड को यकीन है कि राज्य के अंदर अभी और भी कही निजी अस्पताल इससे भी बड़ा खेल खेल रहे होंगे जो अभी पकड़ से बाहर है। उम्मीद करते है कि उस बड़े खेल को भी जीरो टालरेश की सरकार खोज निकालेगी।
क्योकि यहा पर फर्जीवाड़ा जनता के साथ कम मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के साथ अधिक किया गया है । वे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी है और उन्होंने उत्तराखंड की 23 लाख जनता को इस महत्वपूर्ण योजना से जोड़ा है ऐसे में सीएम त्रिवेन्द्र को इस फर्जी वाड़े से दुःख पहुँचा है और वे गुस्से मै हैं । जल्द ही जीरो टालरेंस की नीति से यहा दिखाई देगी बड़ी कार्यवाही उन फ़र्ज़ी वाड़ा वाले लोग से लेकर निजी अस्पतालों तक।



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