ये मुस्लिम भाई बचा रहा है गाय माता की जान पढ़े पूरी ख़बर कब क्यो कैसे?

धन्य हो देव भूमि को जहा हर धर्म और जाति के लोग निवास करते है । जहा आपस मे सबके बीच प्यार और एकता की मिशाल दी जाती है और जहा मेरा मुस्लिम भाई गौ रक्षक बन मेरी गाय माता के प्राण बचाता है ।जिसका नाम है शादाब अली ये भाई जो अब तक
लगभग 500 से अधिक गाय माता की जान बचा चुका है । 
इसलिए बोलता उत्तराखंड़ सिर्फ और सिर्फ गौ रक्षक शादाब अली को सलाम करता है।और कहता है कि आप हर समाज को जागरूक करो ताकि गाय माता की रक्षा की जा सके ।
आपको बता दे कि सोशल मीडिया पर ख़बर आग की तरह फेल गयी है कि एक मुस्लिम भाई लगातार गाय माता की सुरक्षा के लिए उनके इलाज के लिए लगातार खुद के खर्चे से भी कभी इलाज़ कराता है तो कभी उनकी सेवा करता है ।वो भी
निस्वार्थ भाव से गौ सेवा में लगा हुवा है हमारा भाई शादाब अली।
ओर एक वो कुछ लोग है जो गौ रक्षा के लिए आये दिन सड़क से लेकर ना जाने कहा कहा बड़े दावे और वादे करते है पर उनकी मुहिम धरातल पर नही दिखती ठीक उसी प्रकार जिस तरह ये राज्य ऊर्जा प्रदेश नही दिखता, आयुष प्रदेश नही दिखता, पर्यटन प्रदेश नही दिखता, हा सिर्फ नाम जरूर मिला है पर काम आज़ भी जारी है और उससे जायदा रुकावट जिसके लिए खेद है जैसे शब्द भी नही है । ओर बात अगर गो माता को बचाने की रक्षा की हो तो उसके असली या फ़र्ज़ी आंकड़े सरकारी सिस्टम मे ही दफन होंगे क्योकि हमको जानकारी नही ।हाआ कोई जानकारी दे तो उनको भी इससे हम जनता के आगे लेकर आयेगे। पर हमारे देहरादून का वो नोजवान जो खुद सड़क पर है और अपने परिवार की मदद से दो रोटी रोज़ खा पाता है वो बिन सरकारी मदद के गौ माता कि रक्षा मे जुटा हुवा है वो भी कुछ लोगो की रोजाना बाते सुनने के बाद भी ।ओर हो भी क्यो ना क्योकि मजहब नहीं सिखाता हमें आपस में बैर रखना, हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ता हमारा। जय हिंद जय भारत जय उत्तराखंड़। ये शादाब भी ना कही लोगो के अपशब्द सुनने के बाद भी लगा है हमारी गाय माता की सेवा मे । ओर कहता है कि ईमानदारी से गौ सेवा करता हूं। ओर आगे भी करता रहूंगा । बात भी सही है देहरादून शहर में जहां भी कोई गाय तकलीफ में हो ये वहां तक पहुचने के लिए उधार रुपए तक मांगता है ऑफ कभी अपना कोई सामाना भी बेच देता है पर वहां तक गाय माता तक जरूर पहुँचता है ।ओर जो इस मुस्लिम भाई से हो सके वो सब कुछ करता है । ओर इस भाई की इस मेहनत को देख कर ही भाई शादाब अली को राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई है।
यही नही की सब कुछ शादब अकेले ही कर लेते है जी नही अकेले कुछ भी नही होता और शदाब की इस मुहीम मे
हमारी दून पुलिस टीम का पूरा ओर भरपूर सहयोग मिलता है। गौ रक्षा के लिए पुलिस टीम हमेशा साथ देती है और समय पर घटना स्थल पर भी पहुंच जाती है। पुलिस के इसी सहयोग की तारीफ खुद शदाब करते है ।
अब बोलता है उत्तराखंड़ की जो काम शदाब अली कर सकता है वो पूरा उत्तराखंड़ क्यो नही ? ख़बर है कि देहरादून का शासन प्रशासन गौवंश की सुरक्षा के लिए सचेत ना के बराबर है। उदहारण 7 अगस्त 2018 की सुबह का है जब आशा रोड़ी चौकी इंचार्ज कोमल सिंह रावत द्वारा दी गई सूचना पर तत्काल मौके पर सिर्फ शदाब अली ही आया और कोई नही। बोलता उत्तराखंड़ को जो जानकारी है उसके अनुसार
शहर में जहां तहां गाय माता आवारा घूम रही है। ओर काम न होने के कारण उनके बछड़ों को भी लोग पैदा होने के बाद आवारा छोड रहे है या फिर उन्हे बेच रहे है कही सवाल खड़े करता है । बहराल शासन प्रशासन को उदासीनता वाला रवैया छोड़ना पड़ेगा ।

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