एक ऐसे भी सांसद प्रत्याशी जो सबसे हटकर जी हां बात कर रहे पहली बार टिहरी लोकसभा सीट की जंग को त्रिकोणीय मुकबाले मै लाने वाले कथा वाचक सत गोपाल मणि की


टिहरी लोकसभा सीट के निर्दलीय प्रत्याशी संत गोपाल मणि महाराज जिनकी प्रतिष्ठा पूरे भारत में गौक्रान्ति अग्रदूत के रूप में लोक प्रसिद्ध है लेकिन इस बार वो गौमाता को सम्मान दिलाने और टिहरी को आदर्श संसदीय क्षेत्र बनाने के लिए टिहरी के चुनावी मैदान में उतर गए हैं महाराज पूरे टिहरी लोकसभा सीट को नाप कर देहरादून पहुँच चुके है इस दोरान उनकी ताबड़तोड़ जनसभाओं मै मातृशक्ति ओर युवाओ का हुजूम उमड़ता भी दिखाई दिया।


टिहरी क्षेत्र के सुदूर गाँव गाँव का दौरा जहां किया गया वही उनको सुनने के लिए जन सैलाब उमड़ रहा था । आज चिन्याली सौड़ के गमरी पट्टी के महरगांव से उन्होंने अपना संपर्क शुरू किया तो सुबह जब गांव में लोग ओखली में धान कूट रहे थे तो महाराज जी स्वयं उनके साथ धान कूटने लग गए ।


सेल्फी नही खिंचाई बल्कि धान कूट कर भी दिखाया।
फिर उसके बाद आगे बढ़े ओर लगभग 6 km पैदल चलकर रौंतल गाव पहुंचे वहां खुद ही लोगो की चौपाल घर में लग गई और संत गोपाल मणि महाराज ने लोगों को संबोधित किया।


उस दौरान वहां मट्ठा मथनी जा रही थी ओर महाराज जी से नही रहा गया ओर वे भी मथनी करने लग गए । इतना ही नही दोपहर वपैदल अदनी गांव पहुंचे वहां रास्ते में कुछ माताएं घास लेकर आ रही थी महाराज जी ने उनका घास का बोझा अपनी पीठ पर लगाकर उनके घर छोड़ दिया ।

महाराज ने सब इसलिए नही किया कि वे मीडिया मे छा जाए बल्कि इसलिए किया ताकि पहाड़ की जनता ये जाने की उनके दिल में पहाड़ का दर्द झलकता है , वे पहाड़ के विकास के लिए तड़पते है, ओर यही वजह थी जो उनको चुनावों मैदान मे खिंच लाई।
बहराल पूरे अपनी टिहरी लोकसभा सीट के अंतर्गत पढ़ने वाले सभी गाँव ओर जनसभाओं मै इस तरह से महाराज सुधूर गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहे थे।
वही चुनावी मौसम में पत्रकारों ने मीडिया ने जब महाराज से पूछा कि महाराज जी आपकी इन सबके गतिविधियों को सिर्फ चुनावी समझा जाये तो संत गोपाल मणि महाराज ने तपाक से कहा भैया मुझे जब भी कथाओं के बीच समय मिलता है तो मैं सीधे अपने मूल स्थान चोपड़ धार आजाता हूँ और ये सब कार्य हमारी जीवनचर्या में हैं और हमेशा रहेगा । पहाड़ का असली जीवन यही है । हमारी माताएं बहिने रोज यही कार्य करके अपना जीवन यापन करती है यही पहाड़ को संस्कृति है । कोई जनप्रतिनिधि ये सब करते हुए नही दिखेंगे न ही कभी कर सकते हैं। आगे गोपाल मणि ने कहा कि अब समय आ गया है कि टिहरी की जनता ने तय करना है कि उनको राजशाही या वंशवाद चाहिए या फिर अपने जैसा अपने बीच का गायवाला चाहिए। अब हारेगी तो गाय माता ओर जीतेगी भी तो गाय माता
बहराल जिस प्रकार पूरे टिहरी लोकसभा सीट पर जहा भाजपा के लिए तमाम उनके स्टार प्रचारक यहां तक कि पीएम मोदी भी वोट माग रहे है और अमित शाह भी तो वही काँग्रेस का पूरा हाइकमान प्रचार प्रसार मै जुटा है वही संत गोपाल मणि स्वयं अपने लिए वोट मागते दिखाई दे रहे है अब टिहरी की जंग जीत कर कोंन संसद तक सांसद बनकर पहुचता है ये तो 23 मई का दिन बताएगा

।https://youtu.be/LMf-vmsYE68

 

 



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