हमसे क्या भूल हुई जो ये सजा हमको मिली !

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आजकल अपने उन कांग्रेसी साथियों के निशाने पर हैं जो कल तक हरीश रावत के सीएम पद पर रहने तक उनके आगे पीछे मंडराते थे। अपने कामों को निकलवाने के लिए रात दो बजे तक उनके घर की चौखट पर रहते थे और सुबह होते ही हाज़री लगाने या अपना काम निकलवाने के लिए ये छुटभैया नेता फिर उनके आस-पास भटकते नज़र आते थे। पर आज समय बदल गया है अब ये कांग्रेसी नेता हरीश रावत को फेसबुक हो या ट्वीटर पर लज्जित करने का काम भी बखूबी कर रहे हैं। इसके ठीक उलटा हरीश रावत इन सब बातों से अंजान नहीं और चल दिये हैं अब सबको नज़रअंदाज़ करते हुए मंदिर-मंदिर। जी हां आजकल हरीश रावत मंदिरों में भजन-कीर्तन करते हुए देखे जा रहे हैं और जनता से बात करते हुए मोदी माडल को भी तलाश रहे हैं। हरीश रावत के मंदिर-मंदिर जाने के पीछे का राज़ तो आने वाले दिनों में साफ हो ही जायेगा पर क्या हरदा भगवान से यही पूछ रहे हैं की हमसे क्या भूल हुई, जो ये सजा हमको मिली !

दूसरी तरफ हरीश रावत त्रिवेंद्र सरकार पर भी जमकर हमला बोल रहे हैं, उनका कहना है की बीजेपी सरकार सम्प्रदायिकता की प्रयोगशाला ना बनाए उत्तराखंड को। त्रिवेंद्र सरकार को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा की उत्तराखंड में गौ अनुसंधान चिकित्सा संस्थान को बनायें। वहीं उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा की उत्तराखंड के लिए कुछ नहीं और भाजपा ने देश के लिए झुनझुना पकड़ा दिया है। वहीं मनरेगा के बजट में भी कोई इजाफा नहीं किया गया है। इसके साथ ही देहरादून मे ट्रांस्पोर्टर  की आत्महत्या मामले पर हरीश रावत ने त्रिवेद सरकार पर निशाना साधा उन्होंने इस आत्महत्या को केंद्र और राज्य सरकार की नीतिगत विफलता बताया़। बहरहाल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जहां अपनो से जूझ रहे हैं वहीं वो केंद्र सरकार हो या राज्य की त्रिवेंद्र सरकार दोनो पर जमकर हमला बोल रहे हैं, जो इस बात की ओर इशारा कर रहा है की हरीश रावत को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का साथ लगातार मिल रहा है। तभी तो हरीश के विरोधी जले-भुने से नजर आ रहे हैं और हरदा मस्त हैं भजन कीर्तन में।

 

 

 

Leave a Reply