वोट हम दे और सब कुछ हमारा ओर आप सरकारी बस चलाओ नेपाल के लिए ! पहाड़ से नाराज़ क्यो सरकार ?

आपकी सरकार डबल इज़न की सरकार अब उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को नेपाल तक चलाएगी आपको बता दे कि दिल्ली और देहरादून से एक-एक बस का हर दिन आना जाना होगा। इससे दोनों देशों के बीच सफर और भी आसान हो जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को सचिवालय में हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक में लिया गया। हालांकि बसों का संचालन केंद्र सरकार से प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद ही शुरू होगा।
आपको बता दे कि परिवहन सचिव शैलेश बगौली की अध्यक्षता में हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में देहरादून आईएसबीटी से नेपाल के महेंद्र नगर और दिल्ली के आनंद विहार से महेंद्र नगर तक बस सेवा शुरू करने पर सहमति बनी।
आपको बता दे कि बसों का संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम एवं महाकाली सेती यातायात व्यवसायी समिति की ओर से किया जाएगा। शुरुआत में एक-एक बसें चलाई जाएंगी। बाद में इसकी संख्या में इजाफा होने की भी संभावना है। हालांकि बसों का संचालन केंद्र सरकार अनुमति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा।
आपको बता दे कि परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड परिवहन निगम के एक-एक बस दिल्ली और देहरादून से चलाई जाएगी। इसके बाद अन्य दूसरे रूटों पर भी बस सेवा शुरू की जाएगी।
समझौते से लाखों आबादी को मिलेगा फायदा
इंडो-नेपाल बस सेवा शुरू होने से लाखों की आबादी को फायदा मिलेगा। इस बस सेवा को शुरू करने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बसें चलाने की बात कही थी। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए एसटीए की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
ख़बर है कि उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें नेपाल तक जाने से दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इसके साथ ही निगम की आमदनी में भी इजाफा होगा।
उत्तराखंड परिवहन निगम की दो बसों को नेपाल तक चलाए जाने की बात पर सहमति बनी है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, सहमति मिलते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
ये तो थी त्रिवेन्द्र सरकार की बात अब बोलता है उत्तराखंड की सर हमको ये दिकत नही की बस नेपाल तक चलेगी घाटे के परिवहन निगम की अछी बात है।
पर क्या आपके अधिकारी ये नही सोचते कि सरकारी परिवहन निगम कि बसे राज्य के उन पहाड़ी जिलो से भी गुजरनी चाइए जहा उनकी आवश्यकता गाँव वालों को होती है । कही विधानसभाओ को बस से जोड़ने की पहल कब आरम्भ होगी? क्या आप ये ख़बर बता कर पहाड़ के लोगो को जला रहे हो? मे कही जगह के नाम बता सकता हूँ जहा पहाड़ के लोग आज भी परिवहन निगम की बस का इंतज़ार कर रहे है ।भगवान जाने उनकी मुराद कब पूरी होगी । यमकेस्वर क्षेत्र के लिए कितनी बसे है परिवहन विभाग की है भी या नही? सतपुली, पौड़ी, श्रीनगर, रूद्र प्रयाग , काण्डी, बिरमोलिखाल, गुमखाल, लैंसडौन, चोबटा खाल, नालीखाल, पौखाल, द्वारीखाल, धुमा कोट, आदि आदि जगह के लोग काफी समय से कम से कम रोजाना 4 बसों के चलने की माग कर रहे है पर इनकी को सुने । उत्तराखंड परिवहन निगम की बस तो नेपाल जायेगि पर हमारे पहाड़ नही! सरकार लगातार पहाड़ मे सडक दुर्घटनाओं के आंकड़े चिड़ा रहे है कि पहाड़ को अछी ओर परिवहन निगम की बसों की जरूरत है जैसे चकराता , कालसी ओर जैसे मार्गो पर ।पर कोन सुने इनकी ।ओवरलोडिंग की वजह से हादसे भी बढ़ रहे है पर अपने घाटे वाले परिवहन निंगम की बस सब जगह चलेगी पर पहाड़ पर पूरी तरह से नही क्यो भाई क्या बिगाड़ा है पहाड़ के लोगो ने इन अधिकारियों का जो त्रिवेन्द्र सरकार की छवि को खराब कर रहे है। ओर पहाड़ के लोगो को खून के आंसू रुला रहे है।
इन सब बातों को वो लोग कह रहे है जो सरकार बनाते है । उनका कहना है कि वोट हम दे। बलिदान शहादत यहा का पहाड़ का जवान दे देश के लिए। सब कुछ हमारा ओर हमको ही हमारी मूलभूत सुविधाओं से दूर रखा जा रहा है ।
बहराल उम्मीद करते है कि हर बार षडयंत्र मे फसे रहने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत जरूर कुछ सोचेगे पहाड़ के लिए ।

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