ख़बर ख़ास सावधान रहें आप : कान से टच रहने और नाक और मुंह के सामने होने से फैल सकता है संक्रमण

सावधान ये भी करे कि : फोन की स्क्रीन को यूज करने से पहले उसे साफ  करले

ओर हा किसी ओर के मतलब अन्य लोगो के फोन का इस्तेमाल भी करने से परहेज करें

आपको बता दे कि वैसे तो कोरोनावायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति या सतह से आपको संक्रमित कर सकता है, लेकिन संक्रमित जगह या इसके आसपास से गुजरने वाले लोगों में मोबाइल भी संक्रमण का कारण बन सकता है , !!क्योंकि ख़बर है कण मोबाइल पर बात करते समय हम इसे जहां एक ओर कान सटाकर रखते हैं, वहीं मोबाइल की स्क्रीन हमारे मुंह और नाक के सामने होती है।
ऐसे में अब विशेषज्ञ मोबाइल पर बात करते समय भी सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। इसके लिए मोबाइल की स्क्रीन को किसी साफ कपड़े या सेनेटाइजर से साफ करते रहने से कोरोनावायरस की आशंका को दूर किया जा सकता है।
आपको बता दे कि इस समय दुनिया में कोरोनावायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत में भी इसके कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में इस वायरस की चपेट में आप या आपका परिवार न आएं इसका खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है।ओर अपडेट रहना भी।
ये कोरोना किसी भी संक्रमित व्यक्ति या सतह के छूनेभर से फैल सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की अन्य कोई चीज से ज्यादा मोबाइल से कोरोना फैलने की सबसे ज्यादा संभावना बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने मोबाइल स्क्रीन को बात करने से पहले साफ करें, क्योंकि मोबाइल को दिन में कई बार मैसेज चेक करने या फिर किसी न किसी काम के लिए इस्तेमाल करते हैं और कॉल के लिए अपने मोबाइल को मुंह और कान के संपर्क लाते हैं।

आप सब इन बातों का रोज रखें ख्याल ।

कोरोनावायरस कितना खतरनाक है इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि यह फोन की स्क्रीन पर कई घंटे तक जीवित रह सकता है। इसलिए मोबाइल इस्तेमाल से पहले उसे साफ कर लें। यहीं नहीं किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल इस्तेमाल करने से परहेज करें। बच्चों को मोबाइल देने से पहले उसे साफ करें।
वही चिकित्सकों का मानना है कि किसी भी प्लास्टिक, स्टील आदि की सतह पर कोरोनावायरस आठ से दस घंटे तक बना रहता है

कोरोना से बचाव का सबसे अच्छा तरीका व्यक्तिगत स्वच्छता है। चीजों को ज्यादा से ज्यादा छूने से बचें और किसी चीज को इस्तेमाल करने से पहले उसकी स्वच्छता के उपाय अमल में लाए जाएं। उन्होंने लोगों को भयभीत हुए बिना सतर्कता बरतने की अपील की है।

इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए अपने हाथ को अच्छी तरह अल्कोहल या साबुन साफ करें। इसके अलावा हाथ से मुंह, नाक और आंख को छूने में कंट्रोल करें। बता दें कि ये वायरस सबसे ज्यादा हाथ से फैल रहा है। संक्रमित व्यक्ति से 3-4 फुट की दूरी पर रहें।

प्रदेश में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव के लिए रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में डाक्टरों और माइक्रोबायोलॉजिस्ट को ट्रेनिंग दी गई। जिसमें जिलों में तैनात रैपिड रिस्पांस टीम को केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार कोरोनावायरस संक्रमण की गंभीरता और इससे बचाव के बारे में बताया गया। इस दौरान यह भी बताया गया कि इसके लिए आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड मानक के अनुसार तैयार रखे जाएं।

एनएचएम सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम में एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, आईटीबीपी के डाक्टरों के अलावा टिहरी, हरिद्वार, कोरोनेशन और गांधी अस्पताल के डॉक्टरों को इसके संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने को कहा गया। ट्रेनिंग प्रोग्राम में नोडल अधिकारी आईडीएसपी डॉ.पंकज सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ.दिनेश चौहान और राज्य आईईसी अधिकारी जेपी पांडे ने जिलों में तैनात रैपिड रिस्पांस टीम को संक्रमण की गंभीरता के बारे में बताया।
डॉ.पंकज सिंह ने कहा कि प्रभावित बस्तियों की जांच के दौरान सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। समुदाय में मास्क को लेकर मची होड़ पर उन्होंने कहा कि मास्क प्रभावित या इसके लक्षणों से ग्रसित व्यक्ति को पहनना है। इसके अलावा इसे डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को पहनना होता है।

डॉ.दिनेश चौहान ने आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड को मानक के अनुसार तैयार रखने को कहा। जेपी पांडे ने कहा कि कोरोनावायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। यह भी ध्यान रखा जाए कि इससे लोगों में किसी तरह का भय न हो। इससे पूर्व छह मार्च को भारत सरकार ने सभी राज्यों के अधिकारियों को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के लिए ट्रेनिंग दी थी, जिसमें इसके प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

वही डीआईजी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर पुलिस थानों में रविवार को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव का पाठ पढ़ाया गया। प्रत्येक पुलिसकर्मी को भीड़-भाड़ में मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करने की हिदायत दी गई है।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शनिवार को थाना प्रभारियों की बैठक  में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव पर फोकस किया था। उन्हाेंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को अनिवार्य रूप से मास्क लगाने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिसकर्मियाें को यह पता होना चाहिए कि उन्हें संदिग्ध मरीज मिलने पर क्या कार्रवाई करनी है। थाना प्रभारियों को पुलिसकर्मियाें को स्वास्थ्य विभाग से जागरूकता पंपलेट प्राप्त कर उनका प्रचार प्रसार करने को कहा था। कोरोनावायरस के संबंध में अफ वाह फैलाने वालों पर नजर रखकर बीट इंचार्ज सूचना दर्ज कराएं, ताकि संबंधित के खिलाफ  कार्रवाई की जाए।

डीआईजी के आदेश के अनुपालन में रविवार को थानों में पुलिसकर्मियाें की पाठशाला आयोजित की गई। थाना प्रभारियों ने पुलिसकर्मियाें को अनिवार्य रूप से मास्क और सैनेटाइजर खरीदने की सलाह दी।
भीड़ में जाते समय मास्क का अवश्य प्रयोग करें। आम लोगों को जागरूक किया जाए आदि एहतिहात बरतने के निर्देश दिए। शाम को पुलिस उपाधीक्षकाें ने ड्यूटी प्वाइंट पर भ्रमण कर पुलिसकर्मियाें को सतर्कता बरतने की हिदायत दी।


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