उत्तराखंड में वकील साहब इस दिन हड़ताल पर हैं, बाद में मत बोलना टाइम से बताया नहीं ?

टाइम से निपटा लें अपने कचहरी, तहसील के काम, इस दिन नहीं मिलेंगे वकील साहब

देहरादून। उत्तराखंड में 14 हजार के लगभग अधिवक्ता हड़ताल पर जा सकते हैं। इसकी बड़ी वजह केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ताओं की मांगों पर ध्यान न देना है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बीते दिनों बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्र की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को मांग पत्र दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि अंतरिम बजट के लिए अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए कोई बजट नहीं रखा गया है। अदालतों में चैंबर तक नहीं हैं, जिस कारण अधिवक्ता परेशानी उठा रहे हैं। बीमार होने पर उपचार और मृत्यु होने पर परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता नहीं दी जाती है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से मांग रखी गई थी कि अधिवक्ताओं के लिए उचित भवन व्यवस्था, उनके बैठने की उचित व्यवस्था की जाए और उन्हें मुफ्त इंटरनेट की सुविधा दी जाए। इसी तरह बार काउंसिल ऑफ इंडिया मुवक्किलों के बैठने की उचित व्यवस्था करने, नए जरूरतमंद वकीलों को दस हजार रुपये प्रतिमाह देने, अधिवक्ता और उनके परिजनों के लिए जीवन बीमा की व्यवस्था करने, असमय मृत्यु होने पर कम से कम 50 लाख रुपये देने आदि मांगें कर रहा है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य नंदन सिंह कन्याल ने बताया कि हाईकोर्ट से लेकर तहसील स्तरीय अदालतों के अधिवक्ता 12 फरवरी को हड़ताल पर रहकर अपने-अपने स्थान पर ही सांसद, विधायक और जिलाधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम मांग पत्र सौंपेंगे। नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित बेलवाल ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर हाईकोर्ट बार के अधिवक्ता 12 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। ऐसे में वादकारियों के हाईकोर्ट, जिला कोर्ट और तहसील स्तरीय अदालतों में कार्य लटक सकते हैं।


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