उत्तराखंड सरकार आपकी नाक के नीचे बन रही थी नकली शराब, अब आगे …..

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ख़बर ये है कि उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार बाईपास पर एक वर्कशॉप की पहली मंजिल पर ही चल रही नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया है वही पुलिस ने सरगना समेत चार लोगाें को मौके से गिरफ्तार भी कर लिया है इसके साथ ही भारी मात्रा मे शराब का जखीरा भी बरामद किया है। वही फैक्ट्री से ड्रमों में भरी 400 लीटर स्प्रिट अल्कोहल और देसी शराब के पव्वों की 65 पेटी बरामद की गई हैं।


आपको बता दे कि यहां बनने वाली नकली शराब की आपूर्ति पूरे ऋषिकेश से लेकर पहाड़ी जिलों में होती थी। ये पकड़े गए लोग तीन यूपी के बुलंदशहर और चौथा आरोपी हरियाणा के जगाधरी का अभी तक बताया गया है। वही  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस संबंध में मिली सूचना के आधार पर जांच के लिए एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल, रानी पोखरी थानाध्यक्ष पीडी भट्ट और नेहरू कालोनी एसओ दिलबर नेगी की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
वही सूचना की पुरो सत्यता होने के बाद मंगलवार शाम वर्कशॉप पर छापा मारा गया, जहां पर शराब की पेकिंग करते हुए चार लोगाें को गिरफ्तार किया गया। इनमें संजय निवासी सैदपुर बुलंदशहर, यतेन्द्र सिंह निवासी सियाली बुलंदशहर, राहुल कुमार निवासी मांगरोल और रविन्द्र पाल सिंह निवासी जड़ौदा गेट जगाधरी शामिल हैं।


वही एसएसपी ने मीडिया को बताया कि आरोपी संजय काफी समय से शराब की तस्करी में लिप्त है ओर संजय ने हरियाणा के रविंद्र पाल के साथ अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के लिए यह फैक्ट्री शुरू की थी। आरोपियों ने वर्कशॉप किराए पर लेने के साथ पहली मंजिल का हिस्सा अपने निजी प्रयोग के लिए लिया। इसी हिस्से में फैक्ट्री शुरू की गई। ख़बर ओर जानकारी है कि  कच्चा माल सोनू सरदार और रविंद्र पाल लाते थे।
पूरी जानकारी ये है कि संजय शराब के लेबल, हॉलमार्क और स्टीकर शामली से छपवा कर लाता था। ओर कबाड़ियाें के माध्यम से शराब की खाली बोतलों और पव्वों की व्यवस्था की जाती थी। इन दोनों ने मुनाफा बढ़ने पर यतेन्द्र और राहुल को भी अपने साथ जोड़ लिया था। वही मौके से खाली पव्वों के छह कट्टे, खाली बोतलों के चार कट्टे, ढक्कन लगाने वाली मशीन, कई कंपनियों के लेबल, रेपर, हॉलमार्क, स्टिकर, पानी की

बीस बोतल, एल्कोमीटर, आदि भी बरामद हो चुके है।
वही ख़बर है कि आरोपी शराब की तस्करी में बीएमडब्लू ओर अन्य महंगी कारों का इस्तेमाल करते थे।

वही एसपी सिटी श्वेता चौबे ने मीडिया को बताया कि आरोपियों का मानना था कि ऐसा करने से पुलिस को शक नहीं होगा। यही नहीं शराब ले जाते समय इस गैंग का एक सदस्य एक किलोमीटर आगे चलता था, ताकि रास्ते में चेकिंग होने की स्थिति में पीछे आ रहे साथियाें को अलर्ट किया जा सके। बहराल पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है।
लेकिन बोलता है उत्तराखंड की जीरो टालरेंस वाली सरकार को तेजी के साथ इनके ऊपर जिनका भी हाथ है जो इनके माई बाप है उनको सलाखों के अंदर जल्द से जल्द डालना होगा।तभी कुछ रिजल्ट सामने आयेगे।

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