भगवान सिंह कि रिपोर्ट ।

इन मासूम को क्या मालूम था कि आज ये लौट कर घर वापस नही आने वाले दुःखद घटना मेरे पहाड़ से आई है जिन्होंनो अभी ठीक से अपने गाँव के बाज़ार से स्कूल के इलावा कुछ देखा भी नही था वो दो मासूम छात्रा दुनिया को अलविदा कह गईं।

 

दुःखद ख़बर पोड़ी गढ़वाल के थाना थलीसैण क्षेत्रान्तर्गत की है जहा 02 बच्चो के नयार नदी में डूबने की सूचना प्राप्त हुई, सूचना प्राप्त होते ही थानाध्यक्ष मय पुलिस बल व आपदा सामग्री के साथ उक्त घटना स्थल पर पहुंचे जहां पता लगा कि (1)- कु0 नेहा पुत्री शिशुपाल उम्र 15 वर्ष (2)- अंबिका पुत्री सुरेश उम्र 17 वर्ष उच्चतर माध्यमिक विधालय जिवई में कक्षा 07 व 09 मै पढ़ती है वे , सुबह लगभग 09 बजे स्कूल जाते समय लकड़ी के खरंजा पुल से नायर नदी में गिरने से बह गयी, पुलिस बल व जनता के सहयोग से नेहा को निकालकर स्वास्थ्य केंद्र बिरोखा भेजा गया, जहां डॉ0 द्वारा नेहा को मृत घोषित किया गया तथा अंबिका की तलाश देर रात जारी है।
दुःखद है ये वो लकड़ी की पुलिया की तस्वीर है

जिससे फिसल कर दो मासूमो की जान चली गई। ये है मेरे पहाड़ का दर्द। इनके परिवार वालो का रो रो कर बुरा हाल है।तो गाव मे भी सभी लोग सदमे मै है ।

उठता है सवाल आखिर कब तक मेरे पहाड़ के लोगो की इस तरह जान जाती रहेगी । गलतिया जिस की भी हो पर आखिर ये जाने जाना कब रुकेगी । इस समय दर्द में है दुःख मे इन मासूमो का परिवार।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here