उत्तराखंड : दुःखद गये थे मछली मारने ओर खुद ही दो युवकों की नदी मै हो गई मौत, पूरी ख़बर

ख़बर उत्तराखंड के कपकोट के सलिंग गांव कि है जहा नदी में अवैध रूप से बिजली के तार से कटिया डाल करंट फैलाकर मछली मार रहे दो युवक खुद ही करंट की चपेट में आ गए। ओर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ख़बर है दोनों युवक नशे में थे।
आपको बता दें कि सुमगढ़ निवासी संतोष कुमार पुत्र शंकर लाल और सलिंग निवासी मोहन सिंह पुत्र चंचल सिंह दोनों दोस्त थे। शनिवार दोपहर लगभग ढाई बजे दोनों ने मछलियां मारने के लिए गांव के पास कटिया डालकर केबिल के जरिये नदी में करंट फैला दिया। ओर फिर मछलियों के मरने के बाद वे नदी में मछलियां निकालने के लिए उतरे तो करंट की चपेट में आ गए। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
वही नदी के पत्थर पर दोनों के शव देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कटिया का तार हटाकर घटना का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि दोनों नशे की हालत में थे, इसलिए नदी में कूदने से पहले करंट का तार निकालना भूल गए। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। वहीं दोनों की मौत की खबर लगते ही पूरे गांव, क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
आपको बता दे कि नदी में करंट फैलाकर मछली मारना कानूनन जुर्म है। अब पुलिस के साथ मिलकर छापामारी भी जाएगी। ओर इस तरह से मछली मारने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।ये कहना था प्रमोद कुमार, एसडीएम कपकोट का
वही नदी में इस तरह कंरट फैलाना बेहद गंभीर मामला है। इसकी जांच के लिए डीएफओ को निर्देशित किया गया है इस तरह के मामलों की सिर्फ बागेश्वर ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों में भी जांच होगी। जो इस तरह की हरकत करते पकड़ा गया, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। ये कहना था – डॉ. विवेक पांडे, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं का।
बहराल क्या खानी वो मछली ओर क्यो पकड़ी इस तरह से मछली या मारनी जिस वजह से नियम कानून का पालन ना हो। ओर यहा तो हद ही हो गई 2 घर के चिराग बुझ गए दुःखद।



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