आपको बता दे की उत्तराखंड में अब भाजपा विधायकों के खाते भरने वाले हैं। त्रिवेन्द्र सरकार सड़कों के निर्माण को अगले वित्तीय वर्ष के लिए लगभग एडवांस एकमुश्त 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने की तैयारी कर चुकी है ।
ख़बर है कि इस भारी रकम से अगले वित्तीय वर्ष में सड़कों के निर्माण के लिए हर भाजपा के विधायक को 10-10 करोड़ रुपये की मंजूरी एडवांस में मिलेगी। मतलब पूरे के पूरे 57 विद्यायक तो दूसरी तरफ कई कांग्रेसी विधायकों के ‘खाते’ खाली रहेंगे। ख़बर है कि कुछ कांग्रेसी विधायकों ने इस मद में प्रस्ताव ही नहीं भेजे, वहीं कांग्रेस विद्यायको का आरोप ये भी है कि विपक्षी विधायकों होने कारण सरकार ने उनके प्रस्ताव में खामियां निकालकर उन्हें किसी तरह से अटका दिया है।जिसका वो विरिध करगे आगामी बजट सत्र मे
आपको बता दे कि इस योजना के तहत अगले साल के प्रस्तावों के लिए 600 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां वित्त विभाग को भेजी गई हैं। अपर मुख्य सचिव लोनिवि ओम प्रकाश ने इस प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजने की पुष्टि की है। जानकार कह रहे हाकी
इसी माह प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति मिलने के आसार हैं। वित्त विभाग की स्वीकृति के साथ ही इसका शासनादेश जारी हो जाएगा। ख़बर है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने प्रत्येक वित्तीय वर्ष में हर विधायक के 10 करोड़ की सड़कों के प्रस्ताव को मंजूरी देने का प्रावधान किया है।
आपको बता दे कि इस योजना के तहत विधायक अपनी प्राथमिकता वाली सड़कों के आगणक (एस्टीमेट) प्रस्ताव बनाकर लोक निर्माण विभाग को भेजते हैं और विभाग तकनीकी परीक्षण के आधार पर इनको मंजूरी देता है। विधायक के खाते की धनराशि लोनिवि के माध्यम से सड़क योजना पर खर्च होती है।
वही कुछ विधायकों के 10 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। वित्तीय 2018-19 में विभाग ने 63 विधायकों को 774 करोड़ 76 लाख 41 हजार रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी। वही जारी वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। दो वर्षों के दौरान 1000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों के शासनादेश जारी हो चुके हैं।
आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव नजदिक है और सरकार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर माननीयों को 10-10 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान एडवांस में करने जा रही है। वित्तीय वर्ष आरंभ होने से पूर्व स्वीकृतियां जारी होने के बाद विधायक अपनी प्राथमिकता वाले प्रस्ताव जैसे-जैसे भेजते रहेंगे, उन्हें मंजूरी मिलती रहेगी। प्रावधान और एडवांस स्वीकृति हो जाने से चुनाव की आचार संहिता भी आड़े नहीं आएगी और सड़कों के प्रस्ताव पर कार्य तेजी से जारी रहेगा।
वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की इस योजना से ज्यादातर विपक्षी विधायक महरूम हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश समेत कुल 11 कांग्रेसी विधायकों को वित्तीय 2017-18 और 2018-19 के दौरान एक पाई भी नहीं मिली है। नेता प्रतिपक्ष की ओर से प्रस्ताव ही नहीं आए। लेकिन, जिन कांग्रेस विधायकों ने प्रस्ताव भेजे, उनका आरोप है कि उन्हें शासन में तकनीकी खामी बताकर लौटा दिया गया।
कांग्रेस के विधायक मनोज रावत, फुरकान अहमद, काजी निजामुद्दीन, गोविंद सिंह कुंजवाल, आदेश चौहान के खाते में पिछले वित्तीय वर्ष में कोई धनराशि जारी नहीं हुई। वहीं, जारी वित्तीय वर्ष में आदेश चौहान के 9.45 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
बहराल त्रिवेंद्र सरकार सड़को के माध्य्म से , स्वास्थ्य की अटल आयुषमान योजना 5 लाख तक फ्री में इलाज, पर्यटन पर फोकस करते हुए आगमी लोकसभा चुनाव के समर मै कूदने जा रही है।ताकि पाँचो लोकसभा सीट पर फिर से कमल खिलाया जा सके।



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