उतरकाशी मे दुष्कर्म ओर हत्या के बाद तनाव जारी सेना के 200 जवान बुलाए गए धरने पर ग्रामीण

बोलता उत्तराखंड़ आपको बता रहा है वो पूरी ख़बर जिसने पहाड़ को हिला कर रख दिया है उतरकाशी मे नाबालिग लड़की के साथ पोस्मार्टम रिपोर्ट मे दुष्कर्म की ख़बर निकल आई है 

आपको बता दे कि उत्तरकाशी में किशोरी की हत्‍या के बाद। आज रविवार को भी तनाव बरकरार है उत्तरकाशी जिले में किशोरी की हत्‍या के बाद तनाव लगातार बढ़ रहा है
आईजी संजय गुंज्याल भी उत्तरकाशी पहुंच गए हैं। तनाव को देखते हुए सेना के करीब दो सौ जवान भी बुलाए गए हैं।
आज सुबह पांच बजे से ही लोग सड़कों पर उतर आए हैं और धरने पर बैठ गए। तनाव को देखते हुए हर्षिल से सेना के करीब दो सौ जवान भी बुलाए गए हैं, लेकिन अभी सेना को रिजर्व में रखा गया है। पुलिस की जांच में अभी तक मजदूरों ने कत्ल की बात नहीं स्वीकारी है, अब पुलिस ने स्थानीय युवकों पर शक जताया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से एक स्थानीय युवक भी गायब चल रहा है। तो वही उतरकाशी जिले के लोग जल्द मामले के खुलासे का पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है ओर वहा के लोग जल्द से जल्द दोषियों को फाँसी दिए जाने की माग पर अड़े है ।

आपको फिर बता दे कि वो मासूम पारिवारिक सदस्यों के साथ बरामदे में सो रही थी पहले तो इस मासूम को अगवा किया गया फिर सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। ओर ये हवस के भेड़िए उसके शव को घर से कुछ दूरी पर एक पुल पर फेंक कर भाग गए थे ।मासूम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई हैं। ओर अभी पुलिस ने संदेह के आधार सात मजदूरों को हिरासत में लिया है। 
कल घटना से गुस्साए लोगों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया और क्षेत्रीय विधायक, डीएम व एसएसपी के वाहनों को रोके रखा। आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए, लेकिन उसके बाद उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी तक शव ले जाने से इन्कार कर दिया। दरिंदगी का शिकार अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली किशोरी के माता-पिता दिव्यांग बताए जा रहे हैं। इधर, प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग जिले में इंटरनेट सेवाएं दो दिन के लिए बंद कर दी हैं। अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि एसटीएफ को भी मामले के खुलासे में लगाया गया है। 

पूरी जानकारी एक बार फिर आपके सामने है डुंडा तहसील के एक गांव में बारह वर्षीय किशोरी रोज की तरह अपने माता-पिता के साथ बरामदे में सोई हुई थी। दरिंदों ने वहीं से उसे अगवा किया। रात करीब तीन बजे मां की नींद खुली तो किशोरी बिस्तर पर नहीं मिली। इस पर उन्होंने खोजबीन शुरू की। शनिवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे गांव के निकट मोटर पुल पर उसका शव बरामद हुआ। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इससे पहले काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए थे। उन्होंने घटना के विरोध स्वरूप हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने शव नहीं उठाने दिया।

इस बीच, डीएम डॉ. आशीष चौहान, एसपी सुखवीर सिंह, क्षेत्रीय विधायक गोपाल रावत और पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण भी मौके पर पहुंच गए। जिलाधिकारी के समझाने पर ग्रामीण शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने देने पर सहमत हो गए, लेकिन उन्होंने अफसरों और जनप्रतिनिधियों के वाहनों को एक घंटे तक रोके रखा। उन्होंने आशंका जताई कि पीडि़त परिवार से कुछ दूरी पर रह रहे मजदूरों ने घटना को अंजाम दिया। ये मजदूर सुबह से ही गायब बताए गए।
वहीं, देहरादून जाने वाले वाहनों में संदिग्धों की तलाश शुरू हुई। पुलिस ने टिहरी जिले के थत्यूड़ और देहरादून में परेड मैदान के पास दो वाहनों में सवार सात मजदूरों को हिरासत में ले लिया। इन सभी को उत्तरकाशी लाया गया है।  कोतवाल महादेव उनियाल ने बताया कि बच्ची के साथ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। अभी कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद उसका गला घोंटने की पुष्टि हुई है।

आपको बता दे कि दंपती की बड़ी बेटी शुक्रवार को घर पर नहीं थी, वो कल दिन में ही अपने मामा के घर चली गई थी। आशंका जताई जा रही है कि दरिंदों के निशाने पर बड़ी बेटी रही होगी और उसके घर पर न होने की स्थिति में वह उसकी छोटी बहन को अगवा कर ले गए होंगे बहराल इस दर्दनाक। ख़बर से पूरे पहाड़ मे आक्रोश है ।पूरा उत्तराखण्ड़ जल्द मामले का खुलास ओर दोषियों के लिए मौत की सज़ा माग रहा है तो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने भी उत्तराखंड को विस्वास दिलाया है कि कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी और कुछ दिशा निर्देश जिलाधिकारी को दिए है बहराल अब देखना ये होगा कि पुलिस कब तक पूरे। मामले का खुलासा करती है।

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