उत्तराखंड मे एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या

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ख़बर चंपावत से जो आपराधिक घटनाओं का भी गढ़ बन चुका है। आपको बता दे कि बीते छह माह में जनपद में आज तीसरी हत्या का मामला सामने आया है। तीन दिन पूर्व सील्याड़ ग्राम सभा के उदाली गांव के चांचडी तोक में एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। गई आपको बता दे कि
टनकपुर कोतवाली पुलिस द्वारा सोमवार रात्रि पकड़े गए दो लोगों द्वारा बताने पर घटना का खुलासा हुआ। जिसके बाद चम्पावत कोतवाली पुलिस में हड़कंप मचा और जब छानबीन शुरू हुई तो मामला सामने आया।
सूचना के बाद घटनास्थल पहुंची पुलिस ने बताया कि मौके पर कृष्ण सिंह (60) पुत्र चन्दन सिंह, पत्नी मनू देवी (45) व मां पार्वती देवी (85) का शव पड़ा हुआ। घर का सामान बिखरा हुआ था। मृतक के तीन पुत्र प्रकाश, भीम व सचिन गुजरात मे काम करते है। पकड़े गए आरोपियों में प्रीतम सिंह (34) पुत्र हुकुम सिंह निवासी तामली चंपावत व विशाल (20) पुत्र प्रेम सिंह निवासी हरिपुरकलां रायवाला हरिद्वार का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार ये दोनों करीब तीन चार दिन से वहीं रह रहे थे।

चम्पावत में पुलिस ने एक ऐसे हत्याकांड का खुलासा किया है जिसे खोलना करीब-करीब नामुमकिन था। मामले में पुलिस ने न केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है बल्कि पिछले हत्याकांड की गुत्थी को भी सुलझाया है। दरअसल चम्पावत के दुर्गम क्षेत्र चांचरी में एक ही परिवार के तीन लोगों की सनसनीखेज हत्या की गयी थी, इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़कर उससे पूछताछ करनी शुरू की। पूछताछ में सखरी बरतने पर आरोपी प्रीतम सिंह ने ट्रिपल हत्याकांड की पूरी कहानी सुनाई और लूटपाट के सामान की भी जानकारी दी ।
घटनक्रम के अनुसार प्रीतम सिंह अपने साथी विशाल के साथ पूर्णागिरि घूमने गया था जहां से वो चांचरी आकर एक घर मे रहा, यहां की स्थिति जानने के बाद प्रीतम सिंह यहां से चला गया..इसके बाद 2 अगस्त को प्रीतम अपने साथी के साथ फिर उसी घर मे गया और खाना खा रहे कृष्ण कुमार और उसकी पत्नी मनु देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद प्रीतम ने घर मे मौजूद कृष्ण कुमार की 75 वर्षीय माँ पार्वती देवी को भी मार दिया। हत्या करने के बाद प्रीतम ने विशाल के साथ घर मे लूटपाट की और यहां से चला गया। मामला तब खुला जब आज पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा और इससे पूछताछ की । पूछताछ के बाद आरोपी ने घटनाक्रम की जानकारी दी। खास बात ये है कि आरोपी प्रीतम ने इससे पहले संजीव कुमार नाम के गुमसुदा छात्र की हत्या को भी कुबूल किया है।

मामले में पुलिस यदि संदिग्ध को न पकड़ती तो दुर्गम क्षेत्र होने के चलते शायद ट्रिपल हत्याकांड का खुलासा कभी नही हो पाता। साथ ही हत्याकांड की जानकारी भी हफ्तों बाद हो पाती। पुलिस की तत्परता ही थी जिसके चलते आपराधिक मानसिकता के आरोपियों को गिरफ्त में लिया जा सका। साथ ही लूटपाट के सामान के साथ पुराने हत्याकांड की गुत्थी भी खुल पाई। घटनाक्रम के सामने आने के बाद एसपी चम्पावत धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि अभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनसे दूसरे मामलों पर भी जानकारी ली जा रही है। वही आईजी द्वारा हत्याकांड के खुलासे के लिए टीम को 5 हज़ार का इनाम घोषित किया गया है।

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