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देहरादूनः ऊर्जा कर्मचारी संगठनों और तीनों निगमों के प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर वार्ता में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला। जिसके बाद संगठनों ने 28 मई की रात से प्रस्तावित हड़ताल को यथावत रखने का एलान किया। साथ ही प्रबंधन के खिलाफ घेराबंदी की तैयारी है।उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक ने बताया कि बुधवार को ऊर्जा के तीनों निगम प्रबंधनों (यूपीसीएल, युजेवीएनएल व पिटकुल) ने कर्मचारी संगठनों के साथ ऑनलाइन बैठक बुलाई।

जिसमें मोर्चे के घटक हाइड्रो इलेक्ट्रिक एंप्लाइज यूनियन, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ, उत्तराखंड ऊर्जा कामगार संगठन, प्राविधिक कर्मचारी संघ, उत्तरांचल पावर इंजीनियर एसोसिएशन, उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन, विद्युत वर्ग आरक्षित एसोसिएशन, उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन, विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन, पावर लेखा एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्रियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में मोर्चे की ओर से बीते 20 मार्च को 14 सूत्रीय मांगों के संबंध में दिए गए चरणबद्ध जन जागरण कार्यक्रम व 28 मई से हड़ताल पर जाने के विषय पर चर्चा हुई। मोर्चा के सभी घटक संगठनों ने प्रबंधन का ध्यान 14 सूत्रीय मांगों की ओर आकर्षित किया। ऊर्जा के तीनों निगम प्रबंधन किसी भी मांग पर की गई ठोस कार्रवाई से अवगत नहीं करा पाया। कहा कि प्रबंधन ने कोविड-19 महामारी के संबंध में कार्मिकों की टीकाकरण की मांग पर उनके व परिवार के लिए कैंप लगवाने का आश्वासन दिया।

कार्मिकों ने जताई नाराजगी
प्रबंधन के साथ वर्चुअल बैठक समाप्त होने के बाद शाम को समस्त घटक संगठनों-एसोसिएशनों की आपात बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रबंधन की ओर से मांगों के संबंध में हुई चर्चा पर विचार-विमर्श किया गया। कार्मिकों ने नाराजगी जताई कि निगम प्रबंधन काॢमक मांगों के प्रति कतई गंभीर नहीं है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि काॢमकों की समस्याओं के संबंध में सक्षम अधिकारी या सरकार के प्रतिनिधि की ओर से सकारात्मक निर्णय न आने तक 28 की मध्य रात्रि से प्रस्तावित हड़ताल यथावत रहेगी। बैठक में राकेश शर्मा, विजय बिष्ट, केहर सिंह, पंकज सैनी, भानु जोशी, विक्की दास, सौरभ पांडे, अनिल मिश्रा, संदीप शर्मा, आनंद सिंह रावत विनोद कवि, प्रदीप कंसल आदि उपस्थित रहे।

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