उत्तराखंड:- इतनी बर्फ देख बेहोश हुआ साधु, भविष्य बदरी मंदिर में तप कर रहा था साधु

सलाम है एसडीआरएफ के जज्बे को, जिसने कुछ इस तरह बचाई साधु की जान

जोशीमठ। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी जारी है। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त ब्यस्त हैं। लोग घरों के अंदर कैद हैं। लेकिन भारी बर्फबारी के बीच भी लोगों को साहायता पहुंचाने व उनकी जान बचाने में जुटी है एसडीआरएफ। सलाम है एसडीआरएफ के जज्बे को जिसने 25 किलोमीटर की बर्फीली राह नापकर साधु की जान बचाई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लगातार हो रही बर्फबारी से भविष्य बदरी मंदिर के आसपास तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो गई है। सुभाई गांव स्थित भविष्य बदरी मंदिर में तीन महीने से तपस्यारत गुजरात मूल का एक साधु बाबा पार्थवानंद बर्फबारी के चलते यहां फंस गया। गनीमत यह कि साधु के पास मोबाइल था और मंदिर क्षेत्र में संचार नेटवर्क काम कर रहा था। साधु ने गुजरात में अपने एक शिष्य को मोबाइल के जरिये खुद के भविष्य बदरी मंदिर में फंसे होने की सूचना दी। शिष्य की सूचना पर चमोली जिला प्रशासन हरकत में आया और साधु को वहां से लाने की कोशिशें शुरू हुईं। बर्फबारी के चलते भविष्य बदरी मंदिर में तप कर रहे एक साधु की जान पर बन आई। रेस्क्यू टीम 25 किलोमीटर बर्फीली राह नापकर साधु को सकुशल जोशीमठ लेकर आई।
राजस्व उप निरीक्षक विजय सिंह डुंगरियाल की अगुआई में एसडीआरएफ के आठ और पुलिस के दो जवान रेस्क्यू के लिए भविष्य बदरी के लिए लिए रवाना हुए। लेकिन नीती राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के कारण रेस्क्यू टीम को 25 किलोमीटर पैदल चलकर भविष्य बदरी पहुंची। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि साधु को सुरक्षित जोशीमठ पहुंचाया गया है। साधु का स्वास्थ्य सामान्य बताया जा रहा है।


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