…तो लोकलुभावना रहेगा इस साल त्रिवेन्द्र सरकार का बजट?

वोटरों को नई घोषणाओं के जरिये गुलाबी अहसास कराने की है तैयारी ?

देहरादून। केन्द्र की मोदी सरकार के बाद अब उत्तराखंड की आवाम की नजरें त्रिवेन्द्र सरकार के बजट है। जनता को ऐसा लग रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए त्रिवेन्द्र सरकार का बजट लोकलुभावन हो सकता है। हाल ही में हुई त्रिवेन्द्र कैबिनेट की बैठकों में जिस तरह जनता किसानों और महिलाओं को ब्याजमुक्त कर्ज, कारोबारियों को वैट व जीएसटी मामलों के निपटारे में रियायत, युवाओं के लिए नए रोजगार पैदा करने समेत कई फैसले भी इस बात की गवाही देते हुए नजर आ रहे हैं कि राज्य के अगले वित्तीय वर्ष का बजट खासा लोक-लुभावन रहने जा रहा है। मकसद साफ है लोकसभा के चुनाव। नए बजट में राज्य में मतदाताओं के हर वर्ग को नई घोषणाओं के जरिये गुलाबी अहसास कराने की तैयारी है।
विधानसभा का बजट सत्र 11 फरवरी से प्रस्तावित है। सबकी नजरे हैं त्रिवेन्द्र सरकार के इस बजट पर। उम्मीद की जा रही है कि किसानों और महिलाओं को बगैर ब्याज के ऋण देने के फैसले को जमीन पर उतारने के लिए नए बजट में प्रावधान नजर आएगा। वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट आकार 45585.09 करोड़ था। वहीं अगले वित्तीय वर्ष के लिए यह बजट आकार 50 हजार करोड़ को भी पार कर सकता है।


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