बोलता है उत्तराखंड : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का निरीक्षण, कहा – विकास में मील का पत्थर साबित होगा


आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन और एसटीपी डलवाला का निरीक्षण किया। वही मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के प्रथम योग नगरी रेलवे स्टेशन के निरीक्षण करने के बाद परियोजना के निदेशक हिमांशु बडोनी व प्रोजेक्ट मैनेजर ओमप्रकाश मालगुड़ी से चर्चा की।


ओर त्रिवेन्द्र ने निर्धारित समय में परियोजना के प्रथम रेलवे स्टेशन के निर्माण पर अधिकारियों को शाबाशी दी। 
वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र  ने कहा कि कर्णप्रयाग ऋषिकेश रेलवे परियोजना का प्रथम रेलवे स्टेशन विकास में मील का पत्थर साबित होगा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना एक बड़ी उपलब्धि बनने जा रही है। ओर प्रधानमंत्री स्वयं इस योजना का लोकार्पण करेंगे।
बता दे कि देश के विभिन्न राज्यों से लंबी दूरी की रेल सेवाएं यहां पहुंचेंगी। वही मुख्यमंत्री ने रेलवे स्टेशन परिसर में सागवान का पौधा भी रोपा। 
हम जनते है कि केंद्र सरकार चारधाम क्षेत्र को रेल परियोजना से जोड़ने का इंतजाम कर रही है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम क्षेत्र को रेल से जोड़ने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है। एक रेलवे स्टेशन और सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। तो वही पांच सुरंगों के निर्माण कार्य जारी है। 
वही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए उत्तरकाशी तक रेल पहुंचाने की परियोजना पर भी गंभीरता से प्रयास शुरू हो गए हैं। डोईवाला से उत्तरकाशी व बड़कोट तक रेल परियोजना का सर्वे पूरा हो गया है।  बता दे कि
डोईवाला उत्तरकाशी बड़कोट रेलवे लाइन 122 किमी लंबी होगी, जिस पर 24 हजार करोड़ की लागत का अनुमान है।
बता दे कि मार्च 2018 में रेल परियोजना का सर्वे शुरू हुआ था। सर्वे पूरा हो चुका है। रेल परियोजना के तहत 10 स्टेशन बनेंगे। 24 टनल और 19 पुलों का निर्माण होगा। 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अन्तर्गत बने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर वृक्षारोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रेल विकास निगम लि. के अधिकारियों से रेलवे स्टेशन में अवस्थापना सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश में बने इस रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। रेलवे स्टेशन के निर्माण में पर्यावरणीय अनुकूलन का विशेष ध्यान रखा गया है। बुजुर्गों व दिव्यागों के हिसाब से अलग से यूटिलिटी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद प्रदेशवासियों को आवागमन की सुविधा तो होगी ही, साथ ही बद्रीनाथ एवं केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी काफी सुविधा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अवस्थापना विकास के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को कई सौगातें दी हैं। आॅल वेदर रोड, हवाई कनेक्टिविटी एवं रेल लाईनों के निर्माण से उत्तराखण्ड में आवागमन की सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डोईवाला-उत्तरकाशी रेल लाईन बनने के बाद उत्तराखण्ड के चारों धाम रेल कनेक्टिविटी से जुड़ जायेंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद चन्द्रेश्वर नगर, ऋषिकेश में बन रहे 7.5 एमएलडी के मल्टीपर्पज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण भी किया। यह एसटीपी नमामि गंगे योजना के तहत उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा बनाया गया है। 12 करोड़ रूपये की लागत के इस एसटीपी से चन्द्रेश्वर नाला, ढ़ालवाला नाला एवं श्मशान घाट नाला को टेप करने के बाद शोधन किया जा रहा है। शोधित जल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने पर गंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह भारत का पहला एसटीपी है, जिसे बहुमंजिला ईमारत के रूप में तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई 21 मीटर है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गंगा कि निर्मलता एवं अविरलता बनाये रखने के लिए नमामि गंगे के तहत प्रदेश में विभिन्न जगहों पर एसटीपी बनाये जा रहे हैं। गंगा की निर्मलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रयासों से नमामि गंगे के तहत देशभर में अनेक कार्य हो रहे हैं। एसटीपी से शोधित जल का सिंचाई के लिए भी उपयोग किया जायेगा।


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