त्रिवेन्द्र सरकार का मज़ाक उड़ाया जा रहा है या ये अपनी बेबसी को बयां कर रहे है!

उत्तराखंड/पौड़ी। राज्य के मुख्यमंत्री भले ही पहाड़ के दर्द को समझते हो ओर वहां की जनता के दुख दर्द को भी पर शायद राज्य की कुछ अधिकारी हो या नोकरशाही को इससे कोई सरोकार नही मुख्यमंत्री तो कह देते है कि इस काम को होना है पर अधिकारी कुछ ना कुछ रोड़ा अटका कर मुख्यमंत्री की सरकार को बदनाम करने का काम करते है  ।आपको बता दे कि पहाड़ों में लगातार होते पलायन के पीछे छुपी हकीकत को सामने लाई हैं जनपद पाैडी गढ़वाल के विकासखंड जयरीखाल ग्राम सभा कांडामला पाे० कांडाखाल पट्टी काैडिया तहसील सतपुली की मूल निवासी महिला श्रीमती प्रियंका देवी जो विगत दिनों तक देहरादून के सेलाकुई में अपना बिजनेस आई टी सेक्टर की सर्विस प्राेबाइडर थी जिनकी फर्म अलवाल आई टी साेलयूशन के नाम से थी पर अपने पहाड़ों से उनका लगाव ख़त्म नहीं हुआ। 
जिसके चलते प्रियंका वापस अपने गांव सतपुली आगई और यहाँ आकर उन्होंने आरगेनिक मसाला एवं फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की साेची। जिससे क्षेत्रीय लोगो को रोजगार उपलब्ध हो सके। ओर उनका खुद का घर भी चल सके प्रियंका देवी ने पीएम मोदी द्वारा चलाई जा रही महत्वकांशी योजना PMEGP के तहत खादी उद्योग, पाैडी से इंटरव्यू पास करने के बाद उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, सतपुली से ऋण के लिए आवेदन किया तो बकौल प्रियंका देवी के बैंक मैनेजर से जबाब मिला कि “पहाड़ में काेई राेजगार नही चल सकते व पहाडी लाेन लेकर लाैटाते नही है इसलिए हम पहाड़ में पहाड़ियों पर जाेखिम नही ले सकते” कह कर लोन देने से ही मना कर दिया। 

फिर भी प्रियंका ने हिम्मत नहीं हारी और भारतीय स्टेट बैंक अपने विकासखंड स्तर पर जयरीखाल गई वहां बैंक ने उनसे सारी औपचारिकताएं मांगी जैसे की एक स्थापित व्यवसाई से मांगी जाती है प्रियंका और उनके पति इंद्रसिंह ने सभी पूरी कर दी। बैंक ने उन दोनों का सिविल भी चैक किया जो संतोष जनक था। बावजूद इसके बैंक मैनेजर ने अंतिम चरण में लोन देने से हिला हवाई कर दी जबकि PMEGP योजना के अंतर्गत 1 से 25 लाख तक का लोन दिया जा सकता है जिस पर 35% सब्सिटी का भी प्रावधान है पर बैंक ने उनको सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद भी लोन देने से टाल दिया लेकिन प्रियंका ने हार नहीं मानी और सरकार से मदद की गुहार लगाने का फैसला किया जिसके पीछे प्रियंका की सोच बहुत सकारात्मक थी उसने सोचा वर्तमान सरकार पलायन रोकने के लिए कटिबद्ध है और हमारे यशस्वी सीएम ने हर प्रकार से लाेगाें काे घर वापसी के लिए प्रेरित किया है, तो सरकार से जरूर कोई न कोई समाधान अवश्य ही मिलेगा। प्रियंका ने सरकार तक अपनी बात पत्र के जरिये ,सोशल मीडिया के जरिये ओर खुद मिलकर भी पहुचाई भी जिसके बाद टीवी चैनलों में प्रियंका की ख़बर खूब चली भी जिसके बाद प्रियंका के फेसबुक से मालूम चला कि सीएम के o.s.d.अभय रावत ने उन्हें बिस्वास दिलाया कि आप चिंता ना करे आप का काम हो जाएगा प्रियंका ने सबका धन्यवाद अपनी फेसबूक से भी किया लेकिन आज फिर शनिवार को प्रियंका की फेसबूक् पोस्ट को अगर पूरा पड़ा जाए तो यही लग रहा है कि उनको मदद नही मिली प्रियंका ने जो फेसबुक पर लिखा वो आपके सामने बोलता उत्तराखंड रख रहा है
प्रियंका देवी की भूमि आरकेटैक के अनुसार बाईस लाख है 

लीगल वकील के अनुसार अठारह लाख रुपये है

ग्रामीण क्षेत्र में आती है सीडीदार खेत है

मकान अपना है जहां उद्योग लगाना है मेन राेड पर है

आैर सबसे पते की बात यह है प्रधानमंत्री राेजगार सर्जन कार्यक्रम के अनुसार ये लाेन दस लाख तक काेई गारंटी नही
दस लाख से अधिक में केवल मूल निवास की भूमि बंधक रखी जाती है

मुख्य विकास अधिकारी महाेदया कह रही है कि बैंक ग्रामीण क्षेत्र की वजह से ना बाेल रहा है

ताे क्या ग्रामीण क्षेत्र के लाेंगाें के लिए सरकारी याेजनायें नही है

हमें पता चल गया कि आपका बैंक हमारा उद्योग नही लगने देगा

इस हेतु प्रियंका देवी के उद्योग का उद्घाटन इसी पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन हाेगा

चाहे वाे उद्योग

कच्ची शराब बनाने का हाे

माननीय महामहिम राज्यपाल महाेदय व प्रधानमंत्री महाेदय भारत सरकार सहित आप सबकाे (मुख्यमंत्री जी पर्यटन मंत्री जी . जिला अधिकारी जी मुख्य विकास अधिकारी जी. आेएसडी मुख्यमंत्री अभय सिंह रावत जी राय सिंह नेगी पी आर वाे सतपाल जी महाराज ) उद्घाटन समारोह में आमंत्रित करने के लिए मीडिया के माध्यम से अवगत कराया जायेगा

कृपया जरूर पधारें

सरकार की सरकारी याेजनायें केवल अपनाें के लिए है

आप सभी मित्र सादर आमंत्रित हैं
पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन उद्घाटन समारोह में सादर आमंत्रित हैं
जाे पहाड का हित चाहतें हाें
जरूर आयें

जडें बूटी काेदा तैयार करवा रहें हैं आज शाम तक तैयार हो जायेगी सात दिन में माल की पहली धार शुरू

ब्रांड का नाम आप सुझायें ।   अब जब कोई खुले आम फेसबुक से सरकार के खिलाफ कहे या सिस्टम के खिलाफ लिख रहा है तो बात मे या तो दम तो होगा या फिर सिस्टम लाचार होगा । बहराल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को खुद इस पूरे मामले का सज्ञान लेना चाइए की हकीकत क्या है ओर क्यो पहाड़ की नारी प्रियंका ने पूरी सरकार को बडे प्यार से चुनोती दे डाली है जो शब्दो से चुनोती कब चतुराई जायदा लग रही है ओर पूरी तरह से त्रिवेन्द्र सरकार का प्यार से मज़ाक उड़ाया जा रहा है अब हकीकत बदनाम करने की मुख्यमंत्री को है या अधिकारी ही प्रियंका की मदद नही कर पा रहे है ।क्योकि बैंक की ना ये बात खोल रही है बात जो भी हो पर जब कोई खुले आम सरकार को कह रहा हो कि हम अब कच्ची शराब  बनायेगे तो इसे आप क्या कहेंगे या क्या सोचेंगे ये आपकी सोच पर तय करता है ।

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