त्रिवेन्द्र कि सरकार सबक लेगी भी या नही! आँसू बहा रहे है गाँव वाले!

पूरे उत्ताराखंड। मे लगातार बारिश हो रही है और जिनके साथ कुदरत पहले ही रुठ गया हो उनका क्या हाल हो रहा होगा वो लोग आज त्रिवेन्द्र सरकार पर जमकर बरस रहे है आपको याद है कि पिछले दिनों चमोली में आई आपदा ने राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी थी। सरकार प्रशासन की तैयारियों को इस आपदा ने ही खोखला साबित कर दिया है, ये सरकार तो सिर्फ़ बैठकें करती रही ओर उसका क्या यही नतीजा आना था क्योंकि धरातल पर ये लाचार हो जाते है

आपको बता दें कि 16 जुलाई को बादल फटने से चमोली जिले के घाट विकासखंड के अंतर्गत कुण्डी गॉव में बादल फट गया था, कुछ गौशालाएं और ग्रामीणों की मवेशी कुछ बह गए और कुछ मलबे में ही दब गए। इसके बाद गांव दो भागों मैं टुट गया है, जिसमें से एक भाग का गांव से सम्पर्क के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। गांव पूरी तरह खतरे की जद में दिखाई देने लगा है।   

आपदा आने के बाद आपदा प्रबंधन और सरकार को इस गांव की सुध ही नहीं है, इस गांव में आपदा के बाद पेयजल संकट आ गया है, सरकार ने गांव के लिए ना तो पेयजल की कोई व्यवस्था की और ना गांव जाने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग। थोड़ा सा मुआवजा और राशन बाँटकर अपना पल्ला लगता है झाड़ लिया गया है
गाँव वाले कहते है कि सरकार को इस संबंध में कई बार अवगत कराया जा चुका है किन्तु सरकार ने न ही वैकल्पिक पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की और न ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की ओर अब तो बच्चे भी स्कूल नही जा पा रहे है। बोलता है उत्तराखंड़ अगर यही हाल कुछ दिन ओर रहे तो एक निश्चित समय के बाद इन लोगों का अपने लिये की हुई खाने की व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी औऱ तब उस स्थिति मे भूखों मरने जैसी हालत इन गाँव वालों के हो जायेगे इसलिये जाग जाओ त्रिवेन्द्र सरकार हालात खराब है आपके राज्य के अधिकारी विधायको की सुनने को मानने को तैयार नही ओर आपकी ये नोकर शाही आपदा पीड़ितों की भी सुध तक नही ले रही जिसके परिणाम ना तो राज्य हित मे ठीक आने वाले है और ना बीजेपी के लिए

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