हर की पैड़ी पर स्थिति खतरनाक, हजारों लोग कर रहे अस्थि विसर्जन,उड़ रही गाइडलाइंस की धज्जियां

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हरिद्वार. कोरोना (Corona) की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है मगर लोग अभी भी लापरवाह बने हुए हैं.  कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं. हरिद्वार (Haridwar) में गंगा घाट पर तो स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है. लोग देश भर से अस्थि विसर्जन व अन्य कर्मकांड करने के लिए हरिद्वार पंहुच रहे हैं. हर की पैड़ी (Har ki paidi) पर भीड़ उमड़ रही है और वहां पर कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है. यहां पुरोहित से लेकर पुलिस प्रशासन तक गंगा घाटों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं.

दरअसल, देश भर से लोग अपने मृत परिजनों के अस्थि विसर्जन और कर्मकांड करने के लिए हरिद्वार पंहुच रहे हैं हरकी पौड़ी पर कर्फ्यू जैसा कुछ नजर ही नहीं आ रहा है. यहां पर भीड़- भाड़ सामान्य दिनों की तरह ही नजर आ रही है. हरकी पैड़ी पर कोविड की गाइडलाइन की सामाजिक दूरी का मजाक बनती दिख रही है. कुछ लोग ऐसे भी हंै जो कोविड गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं, मगर यंहा का नजारा देख डर भी रहे है. पुलिस प्रशासन भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने में नाकाम नजर आ रहा है. हरिद्वार अस्थि विसर्जन कराने आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर कोरोना की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार आ रहे हैं मगर उसके बावजूद यहां पर पुलिस द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है.

हरिद्वार में भी कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए 10 मई तक कर्फ्यू लगा हुआ है. हर की पैड़ी पर अस्थिविसर्जन के लिए आने वालों को हालांकि प्रशासन की ओर से इजाजत मिली है. पुलिस अधिकारी अभी भी दावे कर रहे हैं कि कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है. सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी को देखते हुए हरिद्वार जिलाधिकारी द्वारा हरिद्वार हर की पौड़ी पर अस्थि विसर्जन करने आने आने वाले लोगों को छूट दी गई है. पुलिस प्रशासन द्वारा वहां स्थानीय व्यापारी तीर्थ पुरोहित के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है.

पुलिस का मानना है कि उसके बावजूद भी कुछ दिक्कत हो रही है क्योंकि अस्थि विसर्जन कर्मकांड कराने आने वाले यात्रियों की भीड़ ज्यादा है. इसको देखते हुए पुलिस द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. साथ ही जो पंडा समाज अस्थि विसर्जन और कर्मकांड करा रहा हैं, उसको भी बोला गया है कि वह अपनी सुरक्षा और अपने परिवार की सुरक्षा भी करें. इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कर्मकांड कराएं.
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