खैरासेंड के लाल का गैरसैंण में कमाल अब पीएम मोदी भी बोलेंगे शाबाश त्रिवेंद्र अब पानी और जवानी आएगा पहाड़ के काम ।

 

जय हो ऐतिहासिक फैसला

Posted by बोलता उत्तराखंड़ on Wednesday, March 4, 2020

 

खैरासेंड के लाल का गैरसैंण में में कमाल अब पीएम मोदी भी बोलेंगे शाबाश त्रिवेंद्र अब पानी और जवानी आएगा पहाड़ के काम ।

जी हां उत्तराखंड बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक बड़ी घोषणा कर दी। ओर लंबे समय से चले आ रहे कयासों के बीच सीएम ने गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर दिया।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस मास्टर स्ट्रोक ने विपक्ष को चारो खाने चित कर दिया।
वही इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में अब दो राजधानियां हो जाएंगी, लेकिन स्थायी राजधानी की पहेली अभी बनी रहेगी।
आपको बता दे कि सदन में घोषणा होने के साथ ही गैरसैंण में जश्न का माहौल शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के विधायक लोगों से फूल मालाएं स्वीकार करते हुए दिखाई दिए।
आपको बता दे कि , गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का भाजपा का यह चुनावी संकल्प था। उसने चुनाव संकल्प पत्र में इस मुद्दे को शामिल किया था। आम तौर पर सत्तारूढ़ दल के लिए चौथा साल चुनावी घोषणाओं को पूरा करने का साल होता है। उत्तराखंड में भाजपा सरकार के काम काज के 18 मार्च को तीन साल पूरे होने जा रहे हैं। ओर इससे पहले ही सरकार ने यह एतिहासिक फैसला लिया है।
उत्तराखंड में राजधानी का मुद्दा जनभावनाओं से जुड़ा है। राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश में पहाड़ की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने को लेकर आवाज उठती रही हैं। राज्य आंदोलन के समय से ही गैरसैंण को जनाकांक्षाओं की राजधानी का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा की सरकारें गैरसैंण को खारिज नहीं कर पाई।


पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जब गैरसैंण में विधानमंडल भवन बनाया तब उन पर भी राजधानी घोषित करने का दबाव बना था। लेकिन उन्होंने घोषणा नहीं की। राजनीतिक आंदोलन से जुड़ा एक वर्ग गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की वकालत करता है।

आज भी उत्तराखंड की 70 फीसदी जनता गैरसैंण में स्थायी राजधानी चाहती है।
बता दे कि राज्य गठन से पहले यूपी की मुलायम सरकार की गठित कौशिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा था। वही उक्रांद ने 27 साल पहले गैरसैंण में राजधानी का शिलान्यास किया था। राज्य आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के मुताबिक राज्य गठन के बाद भी जनभावनाओं की अनदेखी हुई है। सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन नहीं बल्कि स्थायी राजधानी घोषित करे।


उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष के मुताबिक राज्य गठन आंदोलन के दौरान ही आंदोलनकारियों ने यह तय कर लिया था कि अलग राज्य बनेगा और उसकी राजधानी गैरसैंण होगी। राज्य के लिए कई आंदोलनकारियों ने अपनी शहादत दी। नवंबर 2000 में अलग राज्य बना, लेकिन 19 साल बाद भी गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बन सकी। सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है, लेकिन आंदोलनकारियों को ग्रीष्मकालीन राजधानी मंजूर नहीं है।
इससे पहले बजट सत्र शुरू होने से पहले ही बदरीनाथ और कर्णप्रयाग के विधायकों ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने के संकेत दे दिए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में इस संकल्प को शामिल किया है। सरकार गठन के तीन साल हो चुके हैं। अब घोषणा का समय आ गया है। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया था।

 

भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का संकल्प लिया था। इस संकल्प को आज पूरा कर दिया गया है। समय के साथ गैरसैंण में बुनियादी ढांचे का विकास होगा और ये राजधानी के रूप में विकसित होगी ये कहना
था आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का
तो वही बद्रीनाथ के विद्यायक महेंद्र भट्ट कहते है कि
मैं मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन का आभारी हूं कि उन्होंने पहाड़ की जनाकांक्षाओं के प्रतीक गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है। इससे पहाड़ के विकास को मजबूती मिलेगी।


वही भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और वर्तमान में भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के महत्वपूर्ण सदस्य सतीश लखेड़ा जी भी अपनी बात को फेसबुक वाल से इस प्रकार लिखते हैं कि

पूर्ण राजधानी की ओर एक मजबूत कदम ::

हर उत्तराखण्डी का सपना है गैरसैंण राजधानी। राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक पीढ़ी खप गयी। बयालीस से अधिक शहादतें हुयी। मुजफ्फरनगर जैसा वीभत्स दमन आज भी ताजे घाव की तरह है। निरन्तर सड़कों पर गैरसैण को राज्य की राजधानी के रूप में देखने वाले आज भी आंदोलनरत हैं। इस पर्वतीय राज्य की राजधानी जब गैरसैंण में होगी तभी पहाड़ के विकास का माइंडसेट व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतरेगा। आज इस दिशा में सैद्धांतिक रूप से कदम बढ़ा है। साधुवाद।


तो वही
भाजपा के पूर्व प्रवक्ता राज्यमंत्री स्तर प्राप्त वीरेंद्र सिंह बिष्ट प्रदेश ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का धन्यवाद और आभार प्रकट करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य प्राप्ति के शहीदों के सपने को त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री ने पूरा किया है आज राज्य के अमर शहीद राज्य आंदोलनकारियों का सपना पूरा हुआ है भारतीय जनता पार्टी ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में स्पष्ट रूप से लिखा था कि हम गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करेंगे आज भाजपा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट मैं जनता से किया हुआ वादा पूरा किया है लंबे समय से राज्य आंदोलनकारी गैरसैण को राजधानी बनाने के लिए संघर्षरत थे मुख्यमंत्री जी ने राज्य वासियों की जन भावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है

Leave a Reply