बड़ी खबर :- उत्तराखंड के इन 17 डिग्री काॅलेजों में शिक्षक भर्ती की होगी जांच

त्रिवेन्द्र सरकार की बड़़ा फैसला, एक सप्ताह के भीतर आ जायेगी जांच रिपोर्ट

आरक्षण रोस्टर प्रणाली को नजर अंदाज करके की गई शिक्षकों की भर्ती

देहरादून। उत्तराखंड के अशासकीय महाविद्यालयों में हुई शिक्षक भर्ती घोटाले का जिन्न बोतल से बाहर निकल गया है। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस वाली त्रिवेन्द्र सरकारी ने अब शिक्षक भर्ती के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का मन बना लिया है। शासन ने आदेश जारी करते हुए सभी महाविद्यालयों में जांच अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। यह अधिकारी एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। अपर मुख्य सचिव डॉ.रणबीर सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इन सभी महाविद्यालयों में 31 अगस्त 2001, 21 जनवरी 2006 और 26 मई 2008 के शासनादेश के तहत रोस्टर प्रणाली की जांच की जाएगी। जांच के लिए सरकारी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और कुछ में एसोसिएट प्रोफेसरों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के 17 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में आरक्षण रोस्टर प्रणाली को नजरअंदाज करके की गई शिक्षकों (लेक्चरर) की भर्ती की जांच होगी। शासन द्वारा बैठाई गई जांच में इन महाविद्यालयों में यह भी देखा जाएगा कि जो रोस्टर प्रणाली बनाई गई है, क्या उसके तहत भर्ती हुई है? यदि किसी महाविद्यालय में रोस्टर प्रणाली के विरुद्ध भर्ती पाई गई तो संबंधित जांच अधिकारी को विस्तार से जांच करनी होगी।

किस कॉलेज में कौन करेगा जांच—–कॉलेज का नाम जांच अधिकारी
डीबीएस पीजी कॉलेज, देहरादून – डॉ.एमसी नैनवाल, प्राचार्य, शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला
एमकेपी पीजी कॉलेज, देहरादून -डॉ.एनपी माहेश्वरी, प्राचार्य, पीजी कॉलेज ऋषिकेश
डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून -डॉ.अंजू अग्रवाल, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, रायपुर
एमपीजी कॉलेज, मसूरी -डॉ.केएल बिष्ट, प्राचार्य, पीजी कॉलेज डाकपत्थर
श्री सनातन धर्म प्रकाश चंद्र कन्या महाविद्यालय, रुड़की -डॉ.डीपी भट्ट, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज, ऋषिकेश
चिन्मय डिग्री कॉलेज, हरिद्वार -डॉ.बिजेंद्र लिंगवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज, ऋषिकेश
एसजीआरआर पीजी कॉलेज देहरादून -डॉ.वीपी अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी कॉलेज ऋषिकेश
बीएसएम पीजी कॉलेज, रुड़की -डॉ.वीएन शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय पाबकीदेवी
बालगंगा महाविद्यालय, सेंदुल टिहरी गढ़वाल -डॉ.अशोक कुमार, प्राचार्य, राजकीय स्नातक महाविद्यालय, नई टिहरी
राठ महाविद्यालय, पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल -डॉ.आरके उमान, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय पाबौ, पौड़ी गढ़वाल
केएलडीएवी कॉलेज, रुड़की -डॉ.यशोदा, एसोसिएट प्रोफेसर, राजकीय स्नातक महाविद्यालय, ऋषिकेश
डीडब्ल्यूटी कॉलेज, देहरादून -डॉ.केएल तलवाड़, एसोसिएट प्रोफेसर, शहीद दुर्गामल्ल कॉलेज, डोईवाला
चमनलाल महाविद्यालय, रुड़की -डॉ.दिलीप नेगी, एसोसिएट प्रोफेसर, शहीद दुर्गामल्ल महाविद्यालय, डोईवाला
आरएमपीपी कॉलेज, गुरुकुल नारसन, हरिद्वार -डॉ.जानकी पंवार, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, टिहरी गढ़वाल
महिला महाविद्यालय, सतीकुंड, कनखल, हरिद्वार -डॉ.बीना खंडूरी, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, खानपुर हरिद्वार
एसएमजेएन कॉलेज नारसन, हरिद्वार -डॉ.सुनीता गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, मंगलौर
चंद्रवती तिवारी कन्या महाविद्यालय, काशीपुर ऊधमसिंह नगर -डॉ.सुभाष चंद्र कुशवाहा, कार्यवाहक प्राचार्य, स्नातक महाविद्यालय काशीपुर

प्राचार्य परिषद ने जांच समिति पर उठाए सवाल
शासन के शिक्षक भर्ती की जांच बैठाने के फैसले पर प्राचार्य परिषद ने सवाल उठाए हैं। परिषद ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में बैठक की। जिसमें परिषद के अध्यक्ष बीए बौड़ाई ने सवाल उठाया कि किसी प्राचार्य की जांच कोई एसोसिएट प्रोफेसर स्तर का शिक्षक कैसे कर सकता है? यह भी आरोप लगाया कि सभी अशासकीय महाविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया को लटकाने के लिए सरकार यह जांच करा रही है, जबकि सभी भर्तियां रोस्टर प्रणाली के मुताबिक की गईं हैं।

डीएवी में 1976 के बाद की भर्तियों की जांच
डीएवी पीजी कॉलेज में वर्ष 1976 से बाद की भर्तियों की जांच की जाएगी। इससे माना जा रहा है कि सभी 17 अशासकीय महाविद्यालयों में 40 से 50 वर्षों में हुई लेक्चरर के भर्तियों की जांच की जा सकती है।

 





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