गन्ना के पिराई सत्र के लिए दी पावर क्रेशर को अनुमति। गुड़ बनाने वाली खंडसारी को लेना होगा लाइसेंस।

न्यायिक सेवा नियमावली में आंशिक संशोधन।

उत्तराखंड वन क्षेत्र अधिकारी सेवा नियमावली 2019 में किया संशोधन।

14 विषय मे विज्ञान अभियांत्रिकी विषय जोड़ा गया।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान केंद्र के eco सेंसिटिव जॉन में संशोधन।ईको सेंसेटिव जोन से कई गांवों को निकाला गया बाहर।अब 28 प्रकार के कार्यों को ग्रामीण लोग ला सकता है इस्तेमाल में।खनन प्राधिकारी की अनुमती मिलने के बाद ग्रामीण कर पाएंगे खनन।डांडा, कठोल, सहित 3 गांवो को किया नंधौर ईको सेंसिटिव जोन से बाहर

नंधौर वन्य जॉन अभ्यारण्य को ईको सेंसिटिव जोन में किया संशोधन।

मोटर यान नियमावली में किया संशोधन। नियम 52 -001 और 786 नम्बर लेने के लिए मिनिमम बोली 1 लाख तय की गई। 002-009,11,22,33,44,55,66,77,88,99 के नंबर लेने के लिए 25 हजार की होगी बोली।

परिवहन कर अधिकारी द्वितीय की वर्दी में किया आंशिक परिवर्तन।बटन के बदले स्टार।भूरे जूते किये मान्य।

उत्तराखंड स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन ऐजेंसी के ढांचे को मंजूरी।171पद स्वीकृत।

उच्च शिक्षा में आंशिक संशोधन।

सर्टिफिकेट कोर्स इन लिपिक में सीलीव ओर बिलीव ओर एम लीव को किया मान्य।

NDA और IMA के अलावा एयरफोर्स ओर नेवी के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार मिलेगी।

राज्य पर्यावरण संरक्षण जलवायु परिवर्तन निदेशालय अब पर्यावरण मंत्रालय के नाम से करेगा कार्य।

पर्यावरण मंत्रालय के चार विभाग होंगे कार्यरत ।निदेशालय, पदूषण कंट्रोल, बायोडायवर्सिटी बोर्ड,असिस्टमेंट कमिटी।

उत्तराखंड अधिनिष्ट वन सेवा अधिनियम में संशोधन लिखित परीक्षा पहले होगी फिर होगी शारिरिक परीक्षा।

राजपत्रित अधिकारियों की सेवा नियमावली

पहली अर्बन अर्धनगरी क्षेत्र  के लिए पेयजल नियमावली को मिली मंजूरी। 35 गांव को मिलेगा लाभ।

हिल्ट्रॉन की नियमावली को मिली मंजूरी

पुरुकुल गांव से रोपवे  8करोड़ 55 लाख रुपये की दर से बनने वाले ppp मोड़ में रकम जमा करने के लिए दो क़िस्त में जमा करने की अनुमति दी।

 

देहरादून – कैबिनेट की बैठक समाप्त
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एवं
उत्तरखंड की आपदा में जान गंवा चुके लोगों को कैबिनेट ने श्रद्धांजलि।
प्रधानमंत्री मोदी की वाइल्ड डैकुमेंट्री के लिए धन्यवाद प्रदान।
370 हटाने,तीन तलाक,केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद प्रस्ताव ।

देहरादून
राज्य पर्यावरण संरक्षण जलवायु परिवर्तन निदेशालय अब पर्यावरण मंत्रालय के नाम से करेगा कार्य।
पर्यावरण मंत्रालय के चार विभाग होंगे कार्यरत ।निदेशालय, पदूषण कंट्रोल, बायोडायवर्सिटी बोर्ड,असिस्टमेंट कमिटी।
उत्तराखंड अधिनिष्ट वन सेवा अधिनियम में संशोधन लिखित परीक्षा पहले होगी फिर होगी शारिरिक परीक्षा।
राजपत्रित अधिकारियों की सेवा नियमावली

पहली अर्बन अर्धनगरी क्षेत्र के लिए पेयजल नियमावली को मिली मंजूरी। 35 गांवों को मिलेगा लाभ।
हिल्ट्रॉन की नियमावली को मंजूरी।
पुरुकुल गांव से रोपवे 8करोड़ 55 लाख रुपये से बनने वाले ppp मोड़ में दो क़िस्त में जमा करने की अनुमति, 150 दिन में सरकार जरूरी कार्य पूरा करके देगी ,नहीं देने पर सरकार को भी देनी पड़ेगी पैनाल्टी।
गन्ना के पिराई सत्र के लिए पावर क्रेशर को अनुमति।
गुड़ बनाने वाली खंडसारी को लेना होगा लाइसेंस।
न्याय विभाग उत्तराखंड – अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय अधिष्ठान में आंशिक संशोधन।
उत्तरप्रदेश अधीनस्थ सिविल न्यायालय अधिष्ठान में नाम परिवर्तित करते हुए उत्तराखंड व नैनीताल संशोधित।
उत्तराखंड वन क्षेत्र अधिकारी सेवा नियमावली 2019 में संशोधन।
14 वें विषय के रूप में विज्ञान अभियांत्रिकी विषय जोड़ा गया।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान केंद्र के eco सेंसिटिव जॉन में संशोधन।

नंधौर वन्य अभ्यारण्य को ईको सेंसिटिव जोन में किया संशोधन।
इको सेंसेटिव जोन से कई गांवों को निकाला गया बाहर।
अब 28 प्रकार के कार्यों को ग्रामीण लोग ला सकता है इस्तेमाल में
खनन प्राधिकारी की अनुमती मिलने के बाद ग्रामीण कर पाएंगे खनन।
डांडा, कठोल, सहित 3 गांवो को किया नंधौर ईको सेंसिटिव जोन से बाहर।
मोटर यान नियमावली में भी संशोधन।
नियम 52 -001 और 786 नम्बर लेने के लिए मिनिमम बोली 1 लाख तय की गई।
002-009, 11,22,33,44, 55, 66,77, 88, 99 जैसे नंबर लेने के लिए 25 हजार की होगी बोली।
परिवहन कर अधिकारी द्वितीय की वर्दी में किया आंशिक परिवर्तन।बटन के बदले स्टार।भूरे जूते किये मान्य।
उत्तराखंड स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन ऐजेंसी के ढांचे को मंजूरी, 171पद भी स्वीकृत।
उच्च शिक्षा में भी आंशिक संशोधन
सर्टिफिकेट कोर्स इन लिपिक में सीलीव ओर बिलीव ओर एम लीव को किया मान्य।
NDAओर IMA सहित अब एयरफोर्स ओर नेवी के लिए प्रोत्साहन 50 हजार की राशि।

आपको एक बार फिर सरल भासा मैं बता  दे कि

 

कैबिनेट के फैसले
– राज्य के शुगर मिलों में 403 करोड़ का भुगतान लंबित है। सरकार का निर्णय है कि 2019-20 का जो सत्र खंड है, उसमें नया लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है। नया लाइसेंस भी ले सकते हैं जिसमे कुछ छूट भी दी गई है।
– न्याय विभाग की उत्तराखंड अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय अधिष्ठान में आंशिक संशोधन किया गया है। उत्तरप्रदेश अधीनस्थ सिविल न्यायालय अधिष्ठान का नाम परिवर्तित करते हुए उत्तराखंड और नैनीताल को संशोधित किया गया है। उत्तरप्रदेश की जगह उत्तराखंड और इलाहाबाद की जगह नैनीताल किया गया है। न्यायिक सेवा नियमविली में आंशिक संशोधन किया गया है।
– उत्तराखंड वन क्षेत्राधिकारी सेवा नियमावली 2019 के धारा 8प में संशोधन किया गया है।
– गंगोत्री राष्ट्रीय उड्डयन में ईको सेंसेटिव जोन में संशोधन किया गया है। ईको सेंसेटिव जोन से कई गांवों को बाहर निकाला गया। अब 28 प्रकार के कार्यों को ग्रामीण इस्तेमाल में ला सकते हैं। खनन प्राधिकारी की अनुमती मिलने के बाद ग्रामीण खनन कर पाएंगे।
– नंधौर वन्य जोन के ईको सेंसेटिव जोन में संशोधित किया गया है। नंधौर ईको सेंसेटिव जोन से डांडा, कठोल, सहित 3 गांवों को बाहर किया है। यानी 99.5 आरक्षित वन और 0.5 राजस्व क्षेत्र में है।
– मोटर नियमावली में संशोधन किया गया है। इसकी धारा 52, 135, 179, आदि में संशोधन किया गया है। वीआईपी नंबर 001 और 786 के मिनिमम बोली को बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। 11, 22, 33, 44, 55, 66, 77, 88, 99 के नंबर लेने के लिए 25 हजार की बोली होगी। परिवहन कर अधिकारी द्वितीय की वर्दी में भी आंशिक परिवर्तन किया है। बटन के बदले स्टार और काले जूते की जगह भूरे जूते मान्य किये गए हैं।
– उत्तराखंड स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन एजेंसी के ढांचे को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 171 पद स्वीकृत किए गए हैं।
– उच्च शिक्षा में आंशिक संशोधन, सर्टिफिकेट कोर्स इन लिपिक में सी लीव, बी लीव और एम लीव को मान्य किया गया है।
– एनडीए और आईएमए के अलावा एयरफोर्स और नेवी के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार रुएए देने को भी मंजूरी मिल गई है।
– उत्तराखंड अधिनस्थ वन सेवा नियमावली के संशोधन किया गया है। पहले लिखित एग्जाम पहले होगा। फिर शारीरिक दक्षता की जांच होगी।
– उत्तराखंड लेखा परीक्षा, राजपत्रिका सेवा नियमविली लाई  जाएगी।
– विश्व बैंक से पोषित योजन के तहत किए जाने वाले कार्यो के लिए पहली अर्बन अर्धनगरीय क्षेत्र के लिए पेयजल नियमविली को मंजूरी मिली है। इससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा।
– राज्य पर्यावरण संरक्षण जलवायु परिवर्तन निदेशालय अब पर्यावरण मंत्रालय के नाम से कार्य करेगा। पर्यावरण मंत्रालय के चार विभाग कार्यरत होंगे। निदेशालय, पॉल्युशन नियंत्रण बोर्ड, बायो डाइवर्सिटी बोर्ड और, स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट कमेटी।
– हिल्ट्रॉन की नियमावली को मंजूरी मिली। पुरुकुल गांव से बनने वाले रोपवे के लिए पीपीपी मोड में रकम जमा करने के लिए दो किश्त में रुपए जमा करने की अनुमति दी गई है। 150 दिन में सरकार जरूरी कार्य पूरा करके देगी और नहीं देने पर सरकार को पैनल्टी देनी होगी।



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