उत्तराखंड के शिक्षकों के तबादलों को लेकर बड़ी खबर, जारी हो गए आदेश

आपको बता दे कि उत्तराखंड के शिक्षकों के तबादलों को लेकर शिक्षा विभाग ने नया फरमान जारी किया है। विभाग ने बिना प्रतिस्थानी यानी (रिलीवर) किए गए एकल शिक्षकों के सभी तबादले स्थगित कर दिए हैं। वही जब तक एकल विद्यालय में नया शिक्षक नहीं आएगा, तब तक पुराने का तबादला नहीं होगा।
वही जानकारी अनुसार इसके अलावा सीमांत जिलों में बिना प्रतिस्थानी किए गए तबादले भी रोक दिए गए हैं। विभाग ने दुर्गम में रहने के इच्छुक शिक्षकों का तबादला भी स्थगित कर दिया है। बुधवार को सचिव शिक्षा डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसके आदेश जारी किए।
बता दे कि सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में मंगलवार रात हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया था। बुधवार को डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए, जिसका तत्काल अनुपालन करने को कहा गया है। वही शिक्षा विभाग के तबादलों में गड़बड़ियों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 400 से अधिक शिक्षकों ने तबादलों पर आपत्ति जताते हुए अपना प्रत्यावेदन दिया था। इनमें बड़ी संख्या में वह एकल शिक्षक शामिल थे, जिनका बिना प्रतिस्थानी के तबादला किया गया था।
बता दे कि इसके चलते उन स्कूलों में ताले लगाने की नौबत आ गई। वहीं, सीमांत जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षकों का तबादला दूसरे जिले में किया गया, जबकि उनके स्थान पर कोई नहीं आया। इससे विद्यालयों में रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई थी।

शासन ने तबादलों में गड़बड़ी संबंधी शिक्षकों के प्रत्यावेदन यानी आपत्ति की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर भी कर दिया है। वही सचिव शिक्षा डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि समिति में संयुक्त सचिव विद्यालयी शिक्षा कविंद्र सिंह, अपर निदेशक महानिदेशालय वंदना गर्ब्याल और उप निदेशक एससीईआरटी आनंद भारद्वाज को शामिल किया गया है। यह समिति मामलों की जांच कर 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।

तो उधर सरकार ने जूनियर हाईस्कूलों में तैनात शिक्षकों को कार्यमुक्त करने पर रोक लगा दी है। पिछले काफी समय से जूनियर शिक्षक बिना नीति समायोजन का विरोध कर रहे थे। बुधवार को सचिव शिक्षा डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसके आदेश जारी किए। प्रदेश के करीब साढ़े तीन हजार जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को इस फैसले का लाभ मिलेगा।

सरकार ने कुछ समय पूर्व प्रदेश के सभी जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल का एकीकरण कर दिया। इसके बाद जूनियर शिक्षकों को हटाकर दूसरे विद्यालयों में समायोजित किया जाना था। हालांकि शुरू से ही जूनियर शिक्षक इसका विरोध कर रहे थे। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के समायोजन की कोई नीति तैयार नहीं की।

इसके चलते शिक्षकों की पदोन्नति समेत अन्य सुविधाओं में दिक्कत हो जाती। बुधवार को आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों ने राहत की सांस ली। सचिव डा. आर मीनाक्षी सुंदरम ने अग्रिम आदेशों तक जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को कार्यमुक्त करने पर रोक लगाने के आदेश दिए।

इससे पहले जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सचिव शिक्षा से मुलाकात की। उन्होंने एकीकरण के आदेश को निरस्त करने और 17140 का लाभ देने के लिए विकल्प मांगे जाने पर भी सहमति बनी। मुलाकात करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद बहुगुणा, मीडिया प्रभारी विपिन मेहता, रघुवीर सिंह पुंडीर, कुंवर सिंह राणा समेत अन्य शामिल रहे।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा के नेतृत्व में सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम से उनके कार्यालय सचिवालय में मिला ,संघ के चरण बध आंदोलन तथा २५ जून की महारैली के फलस्वरूप आज सचिव द्वारा वार्ता हेतु बुलाया गया जिसमें संघ की मांग के अनुसार सचिव द्वारा एकीकरण के आदेश को स्थगित कर दिया गया, साथ ही 1-1-2006 के उपरांत पदोन्नति पाये शिक्षकों को मूल वेतन 17140 का लाभ दिए जाने हेतु विकल्प मांगे जाने पर भी सहमति बनी ‌प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा महामंत्री राजेंद्र प्रसाद बहुगुणा कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल, मीडिया प्रभारी विपिन मेहता, जिला अध्यक्ष देहरादून रघुवीर सिंह पुंडीर, जिला अध्यक्ष पौड़ी कुंवर सिंह राणा उपस्थित रहे।



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