कल दिनाँक 29 नवंबर 2020, को देहरादून-वासियों को सूर्यधार का तोहफा देंगे

मुख्यमंत्री   Trivendra Singh Rawat

जानिए क्या हैं झील की विशेषताएँ!

पहले डोबराचांठी, जानकी सेतु और अब सूर्यधार।
जी-हां, विकास की इबारत लिखते जीरो टॉलरेश वाले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
रविवार को प्रदेशवासियों को सूर्यधार झील के रूप में एक नई द सौगात देने जा रहे हैं।
बता दे कि देहरादून से महज चंद किमी की दूरी पर थानो से आगे सूर्यधार में झील बनकर तैयार है

जिसका रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र लोकार्पण करेंगे

इस महत्वपूर्ण झील से क्षे़त्र को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।

इससे लगभग 18 गांवों को सिंचाई
19 गांवों को पेयजल मिलेगा

जो कि पूरी तरह से ग्रैविटी आधारित होगी।
बता दें कि इस क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल और खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता न होने की समस्या रही है।

क्षेत्रवासियों की इसी दिक्कत को समझते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने साल 2017 में सत्ता संभालने के साथ ही सूर्यधार में झील बनाने का ऐलान किया था

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता का अंदाजा इसी से लग जाता है कि समय-समय पर उनके द्वारा सूर्यधार में निर्माणाधीन झील के निरीक्षण किए जाते रहे।
ओर अब, रिकार्ड समय में यह झील बनकर तैयार हो गई है
यानी रविवार का दिन होगा
जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र इस झील को प्रदेश की जनता को समर्पित करेंगे।
त्रिवेंद्र सरकार का मानना है कि यह झील आने वाले दिनों में देहरादून जिले में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर भी उभरेगी।
यहां पर सरकार की योजना नौकायन के साथ ही लोगों को प्रकृति का दीदार कराने व अन्य पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की है।
इसके चलते स्थानीय लोगों को स्वरोजगार/रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे
मतलब आप कह सकते है कि
त्रिवेंद्र के राज में डबल इंजन के सहयोग से
एक नए उत्तराखंड का निमार्ण हो रहा है
मतलब
सबका साथ सबका विकास

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here