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कंसलटेंट कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की सिफारिश, निर्माण एजेंसी को डिबार किया

 

चारधाम सड़क परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल हादसे की जांच रिपोर्ट पर शासन ने बृहस्पतिवार को कार्रवाई कर दी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने विभाग के अधिशासी अभियंता और दो सहायक अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से श्रीनगर गढ़वाल से देहरादून मुख्य अभियंता कार्यालय में अटैच कर दिया है।

बता दे कि
पुल निर्माण के सुपर विजन के लिए तैनात कंसलटेंट कंपनी मैसर्स आयोलीजा कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड को काली सूची में डालने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से सिफारिश की गई है।
पुल निर्माण की निर्माण एजेंसी मैसर्स राजश्यामा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को भी डिबार कर दिया गया है।
यानी यह कंपनी उत्तराखंड राज्य में एक साल तक निविदाओं में भाग नहीं ले सकेगी।

बता दें कि 21 नवंबर को व्यासी के समीप गूलर में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 में निर्माणाधीन पुल की शटरिंग फेल हो गई थी। इस दुर्घटना में 13 मजदूर घायल हो गए थे और एक की मौत हो गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को हादसे के तत्काल जांच के आदेश दिए थे।

जांच कमेटी ने मंगलवार को दी थी रिपोर्ट
सीएम के आदेश के बाद सचिव लोनिवि ने मुख्य अभियंता (एनएच) की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर उसे तत्काल मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए थे। कमेटी मंगलवार को शासन को जांच सौंप दी थी।

बुधवार को जांच रिपोर्ट का परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए। सचिव लोनिवि ने रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए
श्रीनगर लोनिवि में तैनात अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार बिजल्वाण,
सहायक अभियंता मनोज पंवार
व मृत्युंजय शर्मा को तत्काल प्रभाव से मुख्य अभियंता कार्यालय देहरादून में संबद्ध (अटैच) करने के आदेश दिए।

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