स्वामी शिवानंद बोले सरकार के इशारे पर हुई सानंद की हत्या!नितिन गडकरी जिम्मेदार! कांग्रेस भी बोली

स्वामी शिवानंद बोले, सरकार के इशारे पर हुई स्वामी सानंद की हत्या, नितिन गडकरी को ठहराया जिम्मेदार
माँ गंगा की अविरलता की मांग पर आमरण अनशन करते हुए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मौत को मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने सरकार के इशारे पर की गई हत्या करार दिया है।
आपको बता दे कि उनका आरोप है कि हरिद्वार जिला प्रशासन, एम्स के डायरेक्टर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वामी सानंद की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने इन सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहिए कि मां गंगा ने उन्हें क्या इसीलिए बुलाया था कि वे गंगा भक्तों का बलिदान लेते रहें। बृहस्पतिवार दोपहर बाद जैसे ही स्वामी सानंद की मौत की खबर मिली तो मातृ सदन परिसर में शोक छा गया

आपको बता दे कि इसके बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि स्वामी सानंद की मौत नहीं हुई है बल्कि उनकी सुनियोजित हत्या की गई है।

क्योंकि, स्वामी सानंद को बुधवार दोपहर जब प्रशासन ने जबरन उठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया तो वह पूरी तरह ठीक थे। फिर आखिर ऐसी क्या बात हुई कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत भी हो गई।

स्वामी शिवानंद ने कहा कि उन्होंने तो पहले ही आशंका जताई थी कि स्वामी सानंद की हत्या के लिए ही उन्हें यहां से उठाकर एम्स ले जाया जा रहा है। एम्स में उनका जीवन वैसे भी सुरक्षित नहीं रहना था।
उन्होंने कहा कि इस हत्या कि पीछे खनन माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। खनन माफिया के इशारे पर ही पहले मातृ सदन के ब्रह्मचारी स्वामी निगमानंद सरस्वती की हत्या की गई और अब स्वामी सानंद की भी हत्या कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि गंगा के हितों की रक्षा के लिए मातृ सदन अपना सतत अभियान जारी रखेगा। स्वामी शिवानंद ने कहा कि अगर भाजपा सरकार बलिदान ही चाहती है तो मातृ सदन कितने भी बलिदान देने से पीछे नहीं हटेगा।
वही हल्द्वानी से – स्वामी सानंद की मौत पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने जताया गहरा दुख

सानंद की मौत के लिए सरकार और प्रशासन है पूरी तरह जिम्मेदार: इंदिरा

सरकार को समय रहते अनशन से उठाकर सानंद का अस्पताल में कराना चाहिए था भर्ती

लापरवाही के कारण हुई है स्वामी सानंद की मौत: इंदिरा

कांग्रेस सरकार में भी सानंद ने किया था अनशन

लेकिन उस समय सरकार ने उनकी बातें मानकर उनके अनशन को कराया था खत्म

सरकार को पहले ही समय रहते सानंद की मांगे मानकर अनशन को कराना चाहिए था समाप्त

सानंद की मौत से देश प्रदेश के साथ ही संत समाज में गया है गलत संदेश

भाजपा केवल संत समाज को वोटों के लिए करती है इस्तेमाल: इंदिरा
तो वही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जब स्वामी से मिले थे तो उन्होंने बयान दिया था कि सरकार स्वामी सानंद की हत्या करना चाहती है । तो प्रितम सिंह ने भी स्वामी सानंद की मौत के लिए सरकार को दोषी माना है

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