मोदी ने कहा- आज रात 12 बजे से अगले 21 दिन के लिए देशभर में लॉकडाउन, यह एक तरह से कर्फ्यू ही है

प्रधानमंत्री ने कहा- अगर आप 21 दिन नहीं संभले तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा

उन्होंने कहा- 21 दिन का लॉकडाउन लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन के लिए यही एक महत्वपूर्ण रास्ता है

मोदी ने कहा- डॉक्टरों की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें, सेहत से खिलवाड़ आपकी जान को खतरे में डाल देगा

दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन भारत में है और यह अब फिलहाल 21 दिन के लिए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 दिन में दूसरी बार कोरोनावायरस के मुद्दे पर राष्ट्र के नाम संबोधन दिया और इसकी घोषणा की। मंगलवार रात दिए 29 मिनट के संबोधन में उन्होंने कहा- ‘हिंदुस्तान को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से देश में पूरी तरह लॉकडाउन होगा।यह जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा। यह 21 दिन का होगा। बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइए।21 दिन नहीं संभले तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कोरोना से मुकाबले के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। हमें संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा। कोरोना से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा ना लांघी जाए।’
यह एक तरह से कर्फ्यू ही है, हर राज्य, जिला, गली-मोहल्ला लॉकडाउन किया जा रहा
प्रधानमंत्री ने कहा- अगर लापरवाही जारी रही तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यह कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी, अंदाजा लगाना मुश्किल है। देश में दो दिनों से कई भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को गंभीरता से लेना चाहिए। हेल्थ सेक्टर के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए देश महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा है। आज रात 12 बजे से पूरे देश में पूरा लॉकडाउन होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हर नागरिक को बचाने के लिए, आपके परिवार और आपको बचाने के लिए आज रात 12 बजे से घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है। राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, हर जिला, गांव, कस्बा, गली-मोहल्ला लॉकडाउन किया जा रहा है। यह एक तरह से कर्फ्यू ही है। जनता कर्फ्यू से जरा ज्यादा सख्त है। कोरोना महामारी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए यह कदम बहुत आवश्यक है।
21 दिन नहीं संभले तो देश और परिवार 21 साल पीछे चले जाएंगे : मोदी
मोदी ने कहा- निश्चित तौर पर लॉकडाउन की आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन, एक-एक भारतीय के जीवन, आपके परिवार को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है। हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए देश में लॉकडाउन 21 दिन का होगा। तीन सप्ताह का। पिछली बार बात की थी, तब मैंने कहा था कि मैं आपसे कुछ सप्ताह मांगने आया हूं। आने वाले 21 दिन हर नागरिक, हर परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोरोनावायरस का संक्रमण चक्र तोड़ने के लिए 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कई परिवार हमेशा के लिए तबाह हो जाएंगे। यह बात एक प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, आपके परिवार के सदस्य के नाते कह रहा हूं। बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइए। घर में रहें और यही काम करें।
कोरोना से मुकाबले के लिए इकलौता विकल्प है सोशल डिस्टेंसिंग
प्रधानमंत्री ने कहा-आप ये देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देश को भी इस महामारी ने बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन, कोरोनावायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियां और प्रयासों के बावजूद यह फैल रहा है। इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है और जो विशेषज्ञ कह रहे हैं, वह यह है कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है सोशल डिस्टेंसिंग।
संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा
मोदी ने कहा- सोशल डिस्टेंसिंग यानी एक-दूसरे से दूर रहना। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है। इसे फैलने से रोकना है तो उसके संक्रमण के चक्र को तोड़ना ही होगा। कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल मरीज के लिए आवश्यक है, यह सोच सही नहीं है।
सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक और हर परिवार के लिए है। प्रधानमंत्री के लिए भी है। कुछ लोगों की लापरवाही और गलत सोच आपको, आपके बच्चों, माता-पिता, आपके परिवार, आपके दोस्तों और पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी।
कोरोना यानी को- कोई, रो- रोड पर, ना- ना निकले
प्रधानमंत्री ने कहा- देशभर में लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपको याद रहे कि घर से बाहर पड़ने वाला सिर्फ एक कदम कोरोना जैसी गंभीर महामारी को आपके घर में ले आ सकता है। याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है। वह संक्रमित है, इसका पता ही नहीं चलता है। इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए। जो लोग घर में हैं, वह सोशल मीडिया पर नए-नए तरीके से इस बात को बता रहे हैं। एक बैनर जो मुझे भी पसंद आया, मैं आपको भी दिखा रहा हूं। कोरोना यानी को- कोई, रो- रोड पर, ना- ना निकले।
वह पोस्टर, जिसका प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में जिक्र किया।
संक्रमित एक व्यक्ति सैकड़ों लोगों को एक हफ्ते में संक्रमित कर सकता है
प्रधानमंत्री ने कहा- एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि आज अगर किसी व्यक्ति में कोरोनावायरस पहुंचता है तो इसके लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वह जाने-अनजाने उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है जो उसके संपर्क में आता है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि इस बीमारी से संक्रमित एक व्यक्ति सैकड़ों लोगों को एक हफ्ते में संक्रमित कर सकता है। एक और आंकड़ा है। दुनिया में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या को पहले एक लाख तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे, उसके बाद सिर्फ 11 दिन में एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए। तीन लाख संख्या होने में सिर्फ 4 दिन लगे। अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितनी तेजी से फैलता है। यह फैलना शुरू करता है तो इसे रोकना मुश्किल होता है। यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली जैसे देशों में वायरस ने फैलना शुरू किया तो हालात बेकाबू हो गए। इटली हो या अमेरिका, इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, उनके हॉस्पिटल, संसाधन पूरी दुनिया में बेहतरीन हैं। उनकी व्यवस्थाएं बेहतरीन मानी जाता हैं। इसके बावजूद ये देश कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए।
कोरोना से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा ना लांघी जाए
मोदी ने कहा- सवाल ये है कि इस स्थिति में उम्मीद की किरण कहां है, उपाय और विकल्प क्या हैं। कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण उन देशों से मिले अनुभव हैं, जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए। हफ्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले। इन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए ये कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें भी यह मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने सिर्फ और सिर्फ यही एक मार्ग है। हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है। सोशल डिस्टेंसिंग। प्रधानमंत्री से लेकर गांव के नागरिक तक सबके लिए। कोरोना से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा ना लांघी जाए। इसके फैलने की चेन को तोड़ना है। भारत आज उस मुकाम पर है, जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। यह समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है। यह समय कदम-कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है कि जान है तो जहान है।
जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए धन्यवाद
मोदी ने कहा-मेरे प्यारे देशवासियो! आज मैं एक बार फिर कोरोनावायरस पर बोलनेआया हूं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था। एक राष्ट्र के नाते उसकी शुद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया। बच्चे, बुजुर्ग, छोटे-बड़े हर वर्ग के लोगों ने परीक्षा की इस घड़ी में साथ दिया। जनता कर्फ्यू को हर भारतवासी ने सफल बनाया। एक दिन के जनता कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर उसका मुकाबला करते हैं। आप सभी जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए धन्यवाद के पात्र हैं।

कोरोना से बचने का कोई तरीका नहीं: पीएम

कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा

सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प: मोदी

कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है।
लापरवाही हमें मुश्किल में झोंक देगी: पीएम

कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच,  आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी।

लॉकडाउन को गंभीरता से लें

साथियों, पिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।

आज रात 12 बजे से संपूर्ण लॉकडाउन

आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है।

पूरे देश में लॉकडाउन: मोदी

देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है।

देश को आर्थिक कीमत उठानी पड़ेगी: मोदी

निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

लॉकडाउन 21 दिन का होगा: पीएम

इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा।

आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं: पीएम

आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, कोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है।

घर में रहें, घर में रहें और घर में रहें: पीएम

घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है।

इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए : पीएम

आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए ऐहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए।

सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे।

हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है- हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है।

भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है।

जरूरी साधनों की संख्या बढ़ाई

इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज,पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, आइसोलेशन बेड्स, आईसीयू बेड्स, वैंटिलेटर्स और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी।

15 हजार करोड़ का प्रावधान किया
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

असुविधा ना हो इसकी कोशिश जारी: पीएम

कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं।

उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए: पीएम

आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज करने के काम में जुटे हैं, जिससे इस वायरस का नामो-निशान न रहे।

जरा इनके बारे में भी सोचिए: पीएम

उन डॉक्टर्स, उन नर्सेस, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पैथोलॉजिस्ट के बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए, दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं।

ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है: पीएम

साथियों, ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में लॉकडाउन की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है।


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