मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह
रावत लगातार उत्तराखंड की जनता से सामाजिक दूरिया बनाने का निवेदन लगातार कर रहे है
पर इसके बावजुद भी हज़ारों की तादात मै लोग मानने को तैयार नही है मुख्यमंत्री जी ।
मुख्यमंत्री जी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के नाम पर सड़कों पर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महत्व कदम उठाए ये निवेदन आप से लाखो की तादात मैं जनता कर रही है अपने घरो से ।
मुख्यमंत्री जी चाहे कोई कही से भी आया हो पर सच ये है कि 31 लोग ख़बर लिखे जाने तक कोरोना पाजीटिव हो गए है।
हा राहत की बात ये भी है कि 5 ठीक होकर अपने घर लौट गए ।
मगर ये बढ़ता आंकड़ा सरकार को चिंतित तो कर ही रहा होगा ।

भले ही पुलिस प्रशासन, हो या शासन, पूरी निष्ठा के साथ , अपने कार्य पर लगा हो , डॉक्टर की पूरी टीम , इन सबको सलाम हमारा है । जो अपने स्वास्थ्य की फिक्र छोड़कर अपनी ड्यूटी पर कर्तव्य पर लगे हुए है और उत्तराखंड के लिए अपने घरों से बाहर है ।
उनकी मेहनत पर भी पानी कुछ लोग लगातार फेर रहे है
ओर सोशल डिस्टेंसिंग को तो सिर्फ मजाक बना रखा है
कुछ तो हमारे विधयाक भी कम नही आप सीख दे रहे है और इन विधायक जी को देख कर तो डर लगता है कि इनको ना अपनी जिंदगी की फिक्र नही।
लेकिन हमको इनकी भी चिंता है
इसलिए इनको ओर इन जैसे कही विद्यायको को आपको सख़्ती से समझना होगा सर जी जो
सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन
कर रहे है।
मुख्यमंत्री जी
आज उत्तराखंड मैं लॉकडाउन के बीच भी महत्वपूर्ण
दुकाने पूरे समय खुली रहती है
उदाहरण दूध की दुकान
या डेरी , ओर आपको बता दे कि इन दुकानों मैं दूध, पनीर, दही, से लेकर मिठाई , ओर वो सब कुछ बिकता है जो रोजाना जरूरी है।
इसके साथ ही गली ओर मोहले की सभी परचून की दुकानों मैं हर समान उपलब्ध है।ओर वे भी 6 घण्टे की बजाय 10 घण्टे तक खुली रहती है अब इससे अधिक क्या चईये जनता को ।
फिर भी ये मारा मारी क्यो?
ओर ऊपर से जमाती।
सरकार लिहाज़ा अब देर ठीक नही सामाजिक दूरी को लेकर आजकल में ही सख्ती करने
आवश्यक दिख रही है।
लॉकडाउन के दौरान रोजाना छह घंटे की दी जाने वाली राहत मैदानी जिलों मैं महज 2 घण्टे की ही होनी चाइए।
पहाड़ी जिलों मैं भले ही आप इसे
6 घण्टे रखें या बढ़ाकर 7 घण्टे कर दे
पर देहरादून जिला,
ऊधम सिंह नगर, पूरा हरिद्वार जिला,
कुछ महत्वपूर्ण भाग टिहरी जिले का।
यहा रोजाना अब 2 घण्टे से ऊपर की छूट ठीक नही
ये आवाज अब खुद यही के लोग कह रहे है।
लिहाजा कल करे सो आज कर
आज करे सो अब…
के तहत
लॉकडाउन के बीच आंशिक राहत की अवधि को ओर कम किया जाए ओर सुबह महज 7 से 9 तक ही रखा जाए
या दोपहर 12 से 2  ये निवेदन किया जा रहा हैै
ओर इस बीच आवस्यक दुकानें तो खुली रहती है है।
इसलिए तत्काल कदम लोकप्रिय त्रिवेंद्र सरकार उठाये।
ये निवेदन आप से उत्तराखंड की जनता करती है।


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